पत्रकारों ने यह सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि कौन नहीं बात है ऐसा कौन सा प्रधानमंत्री का शपथ ले लिया यह औपचारिकता है नहीं चाहते हुए भी वह कर रहे हैं. कहा कि उन पर काफी दबाव है. मैंने उसे समय भी कहा था कि इन्हें रहने नहीं दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा नहीं है. जबरदस्ती भेजा जा रहा है. उन पर कितना दबाव है.देख लीजिए अगर यही था तो मुख्यमंत्री 3 महीने रहने के बाद उनकी इच्छा हुई क्या राज सभा जाने का
कहा के बिहार की हालत बद से बदतर होती जा रही है. लोग परेशान है.अपराध की घटना बढ़ रही है पलायन देख लीजिए स्वास्थ्य की स्थिति देख लीजिए शिक्षा का देख लीजिए गरीबों का देख लीजिए क्या हालत है.
उन्होंने कहा कि कितने बड़े तादाद में लोग दूसरे राज्यों से यहां आ रहे हैं उनको गैस नहीं मिल पा रहा है लेकिन सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया. चर्चा नहीं हुई. इन लोगों को सिर्फ कुर्सी चाहिए बिहार भार में चला जाए इन लोगों को कोई मतलब नहीं है.
उन्होंने कहा कि हमने शिक्षक भर्ती को लेकर कल भी पोस्ट किया था कहां नौकरी मिल रही है शिक्षक भर्ती की नौकरी लटका कर रख दिया गया है. कहा कि यह लोग बिहार को बदनाम कर रहे हैं बर्बाद कर रहे हैं.
सरकार आएगी कौन मुख्यमंत्री बनेगा नहीं बनेगा कौन जानता है जनता का मैंडेट नहीं है जनता का मैंडेट है क्या. जनता जिसको चाहती है वह मुख्यमंत्री नहीं हो रहा है इसका क्या मतलब है.
यह भी पढ़ें;बिहार में नीतीश कब देंगे CM पद से इस्तीफा? संसद सत्र में होंगे शामिल, BJP नेतृत्व का रास्ता
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की हालत देख लिया कोई हाथ भेजता है कोई कपड़ा गिरता है कोई उनका कुर्ता खींचता है क्या स्थिति है इतना दबाव है उन पर आप देख लीजिए भाषण देते हैं लाइन कट जाता है.
मुख्यमंत्री सदन में बोल रहे होते सदन को संगीत कर दिया जाता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लोग हाथ नीचे कर देते हैं कितना अपमानित उन्हें किया जा रहा है. उनसे पूछा गया कि क्या सैलरी आई उन्होंने कहा कि कल मीडिया मैं में बयान दिया है और आज सैलरी आ गई है.
यह भी पढ़ें;मोतिहारी में जहरीली शराब से 4 लोगों की मौत, तेजस्वी यादव ने घटना को बताया बिहार सरकार
पत्रकारों ने यह सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि कौन नहीं बात है ऐसा कौन सा प्रधानमंत्री का शपथ ले लिया यह औपचारिकता है नहीं चाहते हुए भी वह कर रहे हैं. कहा कि उन पर काफी दबाव है. मैंने उसे समय भी कहा था कि इन्हें रहने नहीं दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा नहीं है. जबरदस्ती भेजा जा रहा है. उन पर कितना दबाव है.देख लीजिए अगर यही था तो मुख्यमंत्री 3 महीने रहने के बाद उनकी इच्छा हुई क्या राज सभा जाने का
कहा के बिहार की हालत बद से बदतर होती जा रही है. लोग परेशान है.अपराध की घटना बढ़ रही है पलायन देख लीजिए स्वास्थ्य की स्थिति देख लीजिए शिक्षा का देख लीजिए गरीबों का देख लीजिए क्या हालत है.
उन्होंने कहा कि कितने बड़े तादाद में लोग दूसरे राज्यों से यहां आ रहे हैं उनको गैस नहीं मिल पा रहा है लेकिन सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया. चर्चा नहीं हुई. इन लोगों को सिर्फ कुर्सी चाहिए बिहार भार में चला जाए इन लोगों को कोई मतलब नहीं है.
उन्होंने कहा कि हमने शिक्षक भर्ती को लेकर कल भी पोस्ट किया था कहां नौकरी मिल रही है शिक्षक भर्ती की नौकरी लटका कर रख दिया गया है. कहा कि यह लोग बिहार को बदनाम कर रहे हैं बर्बाद कर रहे हैं.
सरकार आएगी कौन मुख्यमंत्री बनेगा नहीं बनेगा कौन जानता है जनता का मैंडेट नहीं है जनता का मैंडेट है क्या. जनता जिसको चाहती है वह मुख्यमंत्री नहीं हो रहा है इसका क्या मतलब है.
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की हालत देख लिया कोई हाथ भेजता है कोई कपड़ा गिरता है कोई उनका कुर्ता खींचता है क्या स्थिति है इतना दबाव है उन पर आप देख लीजिए भाषण देते हैं लाइन कट जाता है.
मुख्यमंत्री सदन में बोल रहे होते सदन को संगीत कर दिया जाता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लोग हाथ नीचे कर देते हैं कितना अपमानित उन्हें किया जा रहा है. उनसे पूछा गया कि क्या सैलरी आई उन्होंने कहा कि कल मीडिया मैं में बयान दिया है और आज सैलरी आ गई है.
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