बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार पटना के गांधी मैदान में तिरंगा फहराने के बाद सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में प्रदेश के विकास का बड़ा विजन पेश किया. मुख्यमंत्री ने रोजगार, निवेश, उद्योग, बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास को लेकर कई बड़े लक्ष्य और घोषणाएं कीं. सम्राट चौधरी के भाषण की सबसे बड़ी घोषणा 2030 से पहले एक करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम कर रही है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी निवेश और उद्योगों के विस्तार पर जोर देंगे.
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बिहार में 12 टाउनशिप विकसित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने बिहार में नवंबर तक पांच लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का दावा किया. सरकार का मानना है कि बड़े पैमाने पर निवेश आने से राज्य में नए उद्योग, उत्पादन इकाइयां और कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी बड़ा विजन रखा. दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर बिहार में 12 टाउनशिप विकसित करने की योजना बताई गई. इन टाउनशिप के इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई. इन्हें स्पेशल कॉरिडोर से जोड़ने और अलग-अलग शहरों में मेट्रो सेवा विस्तार की योजना भी सामने रखी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि पटना से गया की दूरी महज 30 मिनट में तय की जा सके. यानी बिहार में सड़क, परिवहन और शहरी कनेक्टिविटी को विकास के अगले चरण का आधार बनाने की तैयारी है.
बिजली और ऊर्जा में निर्भरता कम करना लक्ष्य
बिजली के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने बिहार को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य दोहराया. उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों को बिजली पर सब्सिडी दी जा रही है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर सरकार सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है. ऐसे में सरकार का जोर अब कम लागत में बिजली उत्पादन बढ़ाने और राज्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए बाहरी निर्भरता कम करने पर है. किसानों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सस्ती बिजली की बात कही. उनके मुताबिक किसानों को महज 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. सरकार के अनुसार 60 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया है, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच गांवों तक और बेहतर हो सके.
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पुलिस दीदियां तैनात करने का बड़ा ऐलान किया
ग्रामीण बिहार को लेकर मुख्यमंत्री ने महीने के आखिरी रविवार को ‘पंचायत दिवस’ शुरू करने की घोषणा की. ग्रामीण इलाकों के लोगों की समस्याएं गांव की चौखट पर सुनी जाएंगी और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती का ऐलान किया. रक्षाबंधन से इसकी शुरुआत की जाएगी. महिला पुलिसकर्मी स्कूटी के साथ स्कूल और कॉलेजों के आसपास तैनात रहेंगी, ताकि छात्राओं और विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल मिल सके. उद्योग और रोजगार के साथ कृषि आधारित उद्योग पर भी सरकार का फोकस दिखाई दिया. मुख्यमंत्री ने बिहार में 25 चीनी मिलें चालू करने का लक्ष्य बताया. उनके अनुसार फिलहाल 10 चीनी मिलें चालू हैं, जबकि पांच पर काम चल रहा है.