वक्फ संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मंजूरी दे दी है। वक्फ संशोधन बिल 2025 अब कानून बन गया है। इस नए कानून को लेकर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने बिल को लेकर नीतीश सरकार की निति और नीयत को साफ किया।
क्या कहा संजय झा ने?
वक्फ बिल के पारित होने पर जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा कि 'वक्फ बिल का उद्देश्य वक्फ का सही उपयोग करना था। जेडीयू की ओर से जेपीसी के सदस्य थे, कई लोगों ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की और अपने सुझाव दिए, हमने उनके सुझावों को नए बिल में शामिल किया है। इस बिल से गरीब लोगों को लाभ मिलेगा और पारदर्शिता आएगी।' वहीं, कुछ पार्टियों द्वारा वक्फ बिल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर उन्होंने कहा कि सभी को कोर्ट जाने का अधिकार है। यह पहली बार नहीं है जब संशोधन हुआ है। पहले भी संशोधन हुए हैं। कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान 2013 में भी संशोधन हुए थे। उन्होंने कहा कि इस नए बिल से पसमांदा मुस्लिमों और महिलाओं को उनका हक मिलेगा। साथ ही जेडीयू में नराजगी की खबरों पर संजय झा ने कहा कि जेडीयू में कोई नाराजगी नहीं है।
'नए बिल से ज्यादा पारदर्शिता आएगी'
जेडीयू नेता संजय झा ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल के कानून बनने से वक्फ की संपत्तियों को लेकर ज्यादा पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का मकसद गरीब मुस्लिमों और महिलाओं के लिए दान की गई संपत्ति का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना है। नए बिल में इसी को लेकर संशोधन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर उन्हें लोगों से जो सुझाव मिले थे, उसकों नए बिल में शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में इस बिल से गरिब मुस्लिम समुदाय को काफी लाभ मिलेगा।
'सभी लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी'
उन्होंने नीतीश सरकार की नीयत को साफ करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब तक राजनीति में हैं तब तक सभी लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार में बीते 20 सालों से काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लिए जो काम किए हैं, वो नजर आते हैं। झा ने कहा, 'हमारी पार्टी ने कहा था कि इस बिल को पूर्व की तरह लागू नहीं किया जाना चाहिए, केंद्र सरकार इस पर विचार किया और हमारी बात मानी।' उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बिल पहली बार संसद में नहीं आ रहा है। बल्कि 2013 में भी संशोधित बिल लाया गया था।
'भावना भड़का कर वोट लेना और लोगों के लिए काम करना अलग बात है'
उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में पंचायत में आरक्षण नहीं था। नीतीश कुमार की सरकार ने आरक्षण दिया। पसमांदा समाज के लोग आज पंचायत में सरपंच, वार्ड सदस्य और मुखिया के पदों पर हैं, ये सब नीतीश सरकार की ही देन है। इस दौरान उन्होंने आरजेडी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनलोगों का काम सिर्फ लोगों को भ्रमित करना और भड़काना है। झा ने कहा कि भावना भड़का कर वोट लेना और लोगों के लिए काम करना दोनों अलग बात है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल में बिहार में एक दिन भी कर्फ्यू नहीं लगा। ये नीतीश सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है।
वक्फ संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मंजूरी दे दी है। वक्फ संशोधन बिल 2025 अब कानून बन गया है। इस नए कानून को लेकर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने बिल को लेकर नीतीश सरकार की निति और नीयत को साफ किया।
क्या कहा संजय झा ने?
वक्फ बिल के पारित होने पर जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा कि ‘वक्फ बिल का उद्देश्य वक्फ का सही उपयोग करना था। जेडीयू की ओर से जेपीसी के सदस्य थे, कई लोगों ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की और अपने सुझाव दिए, हमने उनके सुझावों को नए बिल में शामिल किया है। इस बिल से गरीब लोगों को लाभ मिलेगा और पारदर्शिता आएगी।’ वहीं, कुछ पार्टियों द्वारा वक्फ बिल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर उन्होंने कहा कि सभी को कोर्ट जाने का अधिकार है। यह पहली बार नहीं है जब संशोधन हुआ है। पहले भी संशोधन हुए हैं। कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान 2013 में भी संशोधन हुए थे। उन्होंने कहा कि इस नए बिल से पसमांदा मुस्लिमों और महिलाओं को उनका हक मिलेगा। साथ ही जेडीयू में नराजगी की खबरों पर संजय झा ने कहा कि जेडीयू में कोई नाराजगी नहीं है।
‘नए बिल से ज्यादा पारदर्शिता आएगी’
जेडीयू नेता संजय झा ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल के कानून बनने से वक्फ की संपत्तियों को लेकर ज्यादा पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का मकसद गरीब मुस्लिमों और महिलाओं के लिए दान की गई संपत्ति का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना है। नए बिल में इसी को लेकर संशोधन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर उन्हें लोगों से जो सुझाव मिले थे, उसकों नए बिल में शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में इस बिल से गरिब मुस्लिम समुदाय को काफी लाभ मिलेगा।
‘सभी लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी’
उन्होंने नीतीश सरकार की नीयत को साफ करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब तक राजनीति में हैं तब तक सभी लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार में बीते 20 सालों से काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लिए जो काम किए हैं, वो नजर आते हैं। झा ने कहा, ‘हमारी पार्टी ने कहा था कि इस बिल को पूर्व की तरह लागू नहीं किया जाना चाहिए, केंद्र सरकार इस पर विचार किया और हमारी बात मानी।’ उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बिल पहली बार संसद में नहीं आ रहा है। बल्कि 2013 में भी संशोधित बिल लाया गया था।
‘भावना भड़का कर वोट लेना और लोगों के लिए काम करना अलग बात है’
उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में पंचायत में आरक्षण नहीं था। नीतीश कुमार की सरकार ने आरक्षण दिया। पसमांदा समाज के लोग आज पंचायत में सरपंच, वार्ड सदस्य और मुखिया के पदों पर हैं, ये सब नीतीश सरकार की ही देन है। इस दौरान उन्होंने आरजेडी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनलोगों का काम सिर्फ लोगों को भ्रमित करना और भड़काना है। झा ने कहा कि भावना भड़का कर वोट लेना और लोगों के लिए काम करना दोनों अलग बात है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल में बिहार में एक दिन भी कर्फ्यू नहीं लगा। ये नीतीश सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है।