बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उनकी खाली हुई सीट से पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजे जाने की तैयारी है. दीपक प्रकाश सम्राट सरकार पंचायती राज मंत्री हैं, लेकिन वो अभी तक विधानसभा या विधान परिषद, किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. संविधान के मुताबिक, किसी भी मंत्री को पद पर बने रहने के लिए छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है.
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, देवेश कुमार शुक्रवार को अचानक से विधान परिषद पहुंचे और सभापति को इस्तीफा सौंपा. वो 17 मार्च को राज्यपाल कोटे से बीजेपी के MLC चुने गए थे. उनका कार्यकाल 17 मार्च 2027 तक था, लेकिन इससे पहले ही उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा. दरअसल, गुरुवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने दीपक प्रकाश को बिना किसी सदन की सदस्यता के दूसरी बार मंत्री बनाए जाने पर सुनवाई की थी. इस मामले पर अदालत ने सम्राट सरकार से जवाब भी मांगा था. इसके बाद सरकार ने दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने के लिए अपने एक MLC से इस्तीफा दिलवाकर मंत्री दीपक प्रकाश के लिए जगह बना दी है और उनका मंत्री पद भी पक्का कर दिया है. माना जा रहा है कि मार्च 2027 में गवर्नर की मनोनीत सीट से बीजेपी दीपक प्रकाश फिर से विधान पार्षद बन जाएंगे.
(Input By: Saurav Kumar)