बिहार सरकार के 100 दिन पूरे होने पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग की बड़ी कामयाबियों को साझा किया है. पटना के विकास भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि अवैध खनन रोकने के लिए "बिहारी खनन योद्धा" योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत विभाग ने 72 जागरूक लोगों को डिजिटल माध्यम से सम्मानित किया है. जो लोग अवैध खनन पकड़ने में मदद कर रहे हैं उन्हें इनाम भी दिया जा रहा है. छोटी गाड़ी पकड़वाने पर 5 हजार और बड़ी गाड़ी पकड़वाने पर 10 हजार रुपये की राशि सीधे उनके खाते में भेजी गई है.
राजस्व में दोगुनी बढ़त और ओवरलोडिंग पर सख्ती
डिप्टी सीएम ने बताया कि सरकार की सख्ती की वजह से बिहार के राजस्व में जबरदस्त इजाफा हुआ है. साल 2021-22 में जहां विभाग को केवल 1600 करोड़ रुपये मिलते थे वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 3500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाने के मामले में बिहार अब देश का पहला राज्य बन गया है. सरकार की कड़ी नीतियों के कारण उन ठेकेदारों पर संकट आ गया है जिन्होंने अवैध खनन के लालच में ऊंची बोली लगाकर घाट लिए थे. अब तक 78 ठेकेदारों ने अपने घाट सरेंडर कर दिए हैं जिससे विभाग को नुकसान तो हुआ है लेकिन बालू माफियाओं का खेल खत्म हो गया है.
यह भी पढ़ें: CM नीतीश कुमार की फिर फिसली जुबान, राबड़ी देवी को बताया लालू यादव की ‘बेटी’
बालू घाटों पर कैमरों की निगरानी और पुलिस की तैनाती
बालू माफियाओं पर नकेल कसने के लिए सरकार ने अब तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है. राज्य के सभी बालू घाटों पर इंटरनेट से चलने वाले हाईटेक कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके. निगरानी के काम को और मजबूत करने के लिए विशेष रूप से 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है. विजय सिन्हा ने साफ कहा है कि अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार की मंशा साफ है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट बंद हो और राज्य के खजाने में ईमानदारी का पैसा आए.
बिहार सरकार के 100 दिन पूरे होने पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग की बड़ी कामयाबियों को साझा किया है. पटना के विकास भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि अवैध खनन रोकने के लिए “बिहारी खनन योद्धा” योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत विभाग ने 72 जागरूक लोगों को डिजिटल माध्यम से सम्मानित किया है. जो लोग अवैध खनन पकड़ने में मदद कर रहे हैं उन्हें इनाम भी दिया जा रहा है. छोटी गाड़ी पकड़वाने पर 5 हजार और बड़ी गाड़ी पकड़वाने पर 10 हजार रुपये की राशि सीधे उनके खाते में भेजी गई है.
राजस्व में दोगुनी बढ़त और ओवरलोडिंग पर सख्ती
डिप्टी सीएम ने बताया कि सरकार की सख्ती की वजह से बिहार के राजस्व में जबरदस्त इजाफा हुआ है. साल 2021-22 में जहां विभाग को केवल 1600 करोड़ रुपये मिलते थे वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 3500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाने के मामले में बिहार अब देश का पहला राज्य बन गया है. सरकार की कड़ी नीतियों के कारण उन ठेकेदारों पर संकट आ गया है जिन्होंने अवैध खनन के लालच में ऊंची बोली लगाकर घाट लिए थे. अब तक 78 ठेकेदारों ने अपने घाट सरेंडर कर दिए हैं जिससे विभाग को नुकसान तो हुआ है लेकिन बालू माफियाओं का खेल खत्म हो गया है.
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बालू घाटों पर कैमरों की निगरानी और पुलिस की तैनाती
बालू माफियाओं पर नकेल कसने के लिए सरकार ने अब तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है. राज्य के सभी बालू घाटों पर इंटरनेट से चलने वाले हाईटेक कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके. निगरानी के काम को और मजबूत करने के लिए विशेष रूप से 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है. विजय सिन्हा ने साफ कहा है कि अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार की मंशा साफ है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट बंद हो और राज्य के खजाने में ईमानदारी का पैसा आए.