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BCCI और राज्य क्रिकेट संघ राष्ट्रीय खेल शासन से बाहर क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और राज्य क्रिकेट संघ के वकीलों से जवाब मांगा है कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के दायरे में बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघ को क्यों नहीं लाना चाहिए? ये मामला साल 2014 से कोर्ट में है.

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सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई और सभी राज्य क्रिकेट संघों से बड़ा सवाल किया है. कोर्ट ने पूछा है कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के दायरे में बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघ को क्यों नहीं लाना चाहिए. अदालत ने बीसीसीआई के वकीलों से इसका जवाब मांगा है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार 8 सितंबर को ये सवाल बीसीसीआई से किया है. साल 2014 से ये मामला अदालत में है.

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघ के वकीलों से जवाब मांग है कि आखिरी पदाधिकारियों के कार्यकाल और सेवा की शर्तें 2025 में लागू हुए राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम में क्यों नहीं आना चाहिए. अदालत की बात से साफ हो गया है कि बीसीसीआई और प्रदेश क्रिकेट संघों नए खेल अधिनियम में किस तरह शामिल होंगे.

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साल 2014 से ये मामला अदालत में हैं और समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट बीसीसीआई से सवाल पूछती रहती है. इस मामले में कोर्ट ने बीसीसीआई के क्रिकेट प्रशासन में सुधार के कई अहम कदम भी उठाए हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर.एम. लोढ़ा की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया था. इस समिति को बीसीसीआई में सुधार के उपाय और क्रिकेट बोर्ड के लिए नए संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए कहा गया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार किया था और बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघ में कामकाज में सुधार करने का प्रावधान लागू किए थे.

साल 2022 में कोर्ट ने दी थी अनुमति

साल 2022 में कोर्ट ने बीसीसीआई पदाधिकारियों के कार्यकाल को लेकर बदलाव की इजाजत दी थी. इसके तहत बीसीसीआई या राज्य क्रिकेट संघ में कोई भी पदाधिकारी 12 साल तक पद पर रह सकता था. इस नियम के तहत कोई भी अधिकारी बीसीसीआई में 6 साल और राज्य क्रिकेट संघ में 6 साल तक लगातार कम कर सकता था. इसके बाद तीन साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड यानी पद से बाहर रहने की अवधि लागू की गई थी.

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कोई भी अधिकारी बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघ में अपने लगातार दो साल तक काम कर सकता है. इसके बाद कूलिंग ऑफ पीरियड पूरा करने के लिए कहा गया था. इससे पहले कोर्ट ने लगातार दो तीन-तीन साल के कार्यकाल पूरे करने वाले पदाधिकारी के लिए तीन साल का अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड रखा था. अब सुप्रीम कोर्ट ने एक स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा है कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम के प्रावधान बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघों पर किस तरह लागू किए जाएंगे?

First published on: Sep 09, 2026 07:32 PM

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