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चंबल इलाके से निकलकर टीम इंडिया में कैसे पहुंचीं वैष्णवी शर्मा? पापा ने कुंडली देखकर पहले कर लिया था फैसला

Vaishnavi Sharma Debut: यंग इंडियन बॉलर वैष्णवी शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल डेब्यू किया. इस टी-20 मुकाबले में किफायती गेंदबाजी करते हुए उन्होंने टीम मैनेजमेंट के भरोसे को सही साबित किया.

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Who Is Vaishnavi Sharma: सीनियर इंडियन वुमेन क्रिकेट टीम में डेब्यू करना वैष्णवी शर्मा के लिए किसी ख्वाब पूरा होने से कम नहीं था. अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनकी कामयाबी ने उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचा दिया. 20 साल ती इस लेफ्ट आर्म स्पिनर ने श्रीलंका के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में इम्प्रेस किया. उन्होंने 4 ओवर में 4 की इकॉनमी रेट से 16 रन देकर उन्होंने किफायती गेंदबाजी की और सिलेक्टर्स के फैसले को सही साबित किया.

काम आया स्ट्रगल
वुमेन प्रीमियर लीग में अंसोल्ड रहने के बावजूद वैष्णवी शर्मा ने इंडियन कैप हासिल किया, जो दिखाता है कि उनके टैलेंट और स्ट्रगल की कीमत मिलनी शुरू हो गई है. चूंकि टीम इंडिया अगले वुमेन टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी कर रही है, ऐसे में यंग प्लेयर्स की परफॉर्मेंस काफी मायने रखती है.

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जूनियर वर्ल्ड कप के बाद मिला ईनाम
वैष्णवी शर्मा ने WPL का तजुर्बा न होने के बावजूद इंडियन वुमेन टी-20 टीम में डेब्यू किया, जिससे ये साबित हुआ कि नेशनल सिलेक्शन में घरेलू और अंडर परफॉर्मेंस अभी भी मायने रखती हैं. ये लेफ्ट-आर्म स्पिनर अंडर-19 वुमेन टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी थीं, उन्होंने 17 विकेट लिए और खुद को फ्यूचर में इंडिया की रेगुलर खिलाड़ी के तौर पर साबित किया.

हरमनप्रीत कौर का भरोसा
टीम इंडिया की कैप्टन हरमनप्रीत कौर ने जब वैष्णवी शर्मा को कैप दिया, तब कप्तान की आंखों में इस युवा खिलाड़ी को लेकर काफी भरोसा दिख रहा था. अगर वो इंटरनेशनल स्टेज में बेहतरीन परफॉर्मेंस देती रहें, तो जाहिर सी बात है कि उन्हें रेगुलर स्क्वाड का हिस्सा बनाया जा सकता है.

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पिता ने कुंडली देखकर बनाया क्रिकेटर
ग्वालियर की रहने वाली वैष्णवी शर्मा चंबल इलाके की पहली महिला क्रिकेटर बनीं जिसने टीम इंडिया के लिए खेला, और नॉन-मेट्रो क्रिकेट सिटी के युवाओं को इंस्पायर किया. उनके पिता जिवाजी यूनिवर्सिटी में एस्ट्रोलॉजी के प्रोफेसर हैं. उन्होंने बेटी की कुंडली देखने के बाद उसे क्रिकेटर बनाने का फैसला किया और बेटी की पूरी मदद की.

First published on: Dec 22, 2025 03:18 PM

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