IND vs SL: टीम इंडिया पिछले 2 सालों से बहुत ज्यादा इंजरी की समस्या से जूझ रहे हैं. एक साथ 9 से 10 खिलाड़ी फिलहाल चोटिल हैं. जिसके कारण ही बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. श्रीलंका और टीम इंडिया के बीच गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान भी ये समस्या देखने को मिली. जिससे अब पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर बिल्कुल भी खुश नहीं है. उन्होंने बीसीसीआई की ट्रेनिंग सिस्टम पर ही बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई पर खड़े किए सवाल
मौजूदा समय में टीम इंडिया के 10 खिलाड़ी चोटिल हैं. जिसमें जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे सुपरस्टार के नाम भी शामिल हैं. इस बारे में चर्चा करते हुए मिड-डे के कॉलम में सुनील गावस्कर ने लिखा, ‘बुमराह के घुटने में चोट है, लेकिन ज्यादातर भारतीय खिलाड़ी हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं. साफ है कि उनकी ट्रेनिंग में कुछ गड़बड़ है और इसी वजह से बार-बार हैमस्ट्रिंग इंजरी हो रही है. ये चोटें तब लगती हैं जब वे इंडिया के लिए खेल रहे होते हैं, लेकिन बदकिस्मती से, इसका दोष BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो पर डाल दिया जाता है.’
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मैच फिटनेस को लेकर बोले सुनील गावस्कर
हाल के समय में खिलाड़ी मैच फिटनेस से ज्यादा समय जिम में बिता रहे हैं. जिसके बारे में बात करते हुए सुनील गावस्कर ने लिखा, ‘तथाकथित बायोमैकेनिक्स, जिसमें एक बॉलर प्रैक्टिस नेट्स में सिर्फ कुछ ही गेंद फेंक सकता है, एक सवाल उठाने वाली वाली प्रैक्टिस है. IPL में भी, यह पता चला है कि कुछ विदेशी फिजियो बॉलर्स को नेट्स में 20 से ज्यादा गेंदें फेंकने की इजाजत नहीं देते हैं. अगर मैच में आप 24 गेंदें फेंकेंगे, यानी अगर आप नो-बॉल और वाइड नहीं फेंकते हैं, तो नेट्स में कम गेंदें फेंकने से क्या फायदा होगा? यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर अच्छी तरह से और गहराई से सोचने की जरूरत है कि ये चोटें बार-बार क्यों हो रही हैं. जिम फिट होने से ज्यादा जरूरी मैच फिट होना है. लेकिन फिर, शायद मैं उस पीढ़ी से हूं. जिसके फिटनेस को लेकर अलग विचार थे.’
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