Rahul Dravid: भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 2024 में 3-0 से घरेलू मैदान पर टेस्ट सीरीज हार गई. जिसके बाद साल 2025 में भी दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत को 2-0 से टेस्ट सीरीज हरा दिया. इन दोनों सीरीज हार के साथ ही घरेलू मैदान पर भारत की बादशाहत भी खत्म हो गई. सभी फैंस इस हार से बहुत ज्यादा नाराज हैं. टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ ने टेस्ट में शर्मनाक प्रदर्शन के पीछे का कारण बताया है. इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि कैसे किस्मत बदल सकती है.
राहुल द्रविड़ ने बताया क्यों हो रही गलती
गौतम गंभीर जब से टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं, तभी से ही टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा है. खासकर घरेलू मैदानों पर तो टीम इंडिया ने शर्मनाक प्रदर्शन किया है. जिसके कारण ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी जगह बनानी मुश्किल हो रही है.
बेंगलुरु के एक इवेंट में द्रविड़ ने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा, ‘एक कोच के रूप में जो बात मुझे समझ आई कि जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट खेलते हैं वे एक फॉर्मेट से दूसरे में लगातार सक्रिय रहते हैं. ऐसा देखा गया है कि हमारे पास टेस्ट मैच से पहले सिर्फ 3 से 4 दिन का समय रहता है और तब हम टेस्ट की प्रैक्टिस शुरू करते हैं. फिर पलटकर देखने पर लगता है कि इन खिलाड़ियों ने इससे पहले आखिरी बार 4 या 5 महीने पहले लाल गेंद का सामना किया था. यह एक चुनौती है. टेस्ट मैच में स्पिन लेती पिच या सीम वाली पिच पर घंटों तक खेलना आसान नहीं होता है. इसके लिए काबिलियत चाहिए होती है.’
Rahul Dravid on Test cricket:🚨🗣️
“In my generation, when there were only 2 formats in the game, and there wasn't really the idea of franchise cricket, there were a lot of times where I would have a whole month of practicing for a Test series and I would be able to play with the… pic.twitter.com/sV6Z2z0MRP---विज्ञापन---— Shanu (@Shanu_3010) January 28, 2026
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शुभमन गिल से सहमत हैं द्रविड़
कप्तान शुभमन गिल ने कुछ समय पहले बीसीसीआई से टेस्ट सीरीज से पहले खास तैयारी की मांग की थी. जिससे अब राहुल द्रविड़ भी सहमत नजर आ रहे हैं. जिसके बारे में उन्होंने इवेंट में कहा, ‘मेरी पीढ़ी में सिर्फ 2 ही फॉर्मेट हुआ करते थे. तब फ्रेंचाइजी क्रिकेट नहीं था. उस समय टेस्ट सीरीज से पहले तैयारी के लिए 1 महीना मिल जाता था. मैं लाल गेंद खेल सकता था और अपनी क्षमता बढ़ा सकता था. अब लाल गेंद क्रिकेट में यह मुश्किल हो गई कि सभी तीनों फॉर्मेट खेलने वाले हमारे खिलाड़ियों के पास प्रैक्टिस का वक्त तक नहीं होता है. शुभमन ने इस तरफ ध्यान खींचा है.’
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