वैभव सूर्यवंशी बनेंगे सफल कप्तान? ईशान किशन ने 15 साल के युवा बल्लेबाज को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी
Ishan Kishan Praise Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के उपकप्तान के रूप में काफी प्रभावित किया. अब ईशान किशन ने दावा किया कि वैभव फ्यूचर में अच्छे कप्तान बन सकते हैं.
ईशान किशन ने की वैभव सूर्यवंशी के फ्यूचर को लेकर बड़ी भविष्यवाणी (Image: BCCI Screengrab)
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Ishan Kishan Praise Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से फैंस का दिल जीत रहे हैं. सूर्यवंशी न सिर्फ विस्फोटक बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं, बल्कि जिम्मेदारी से खेलने के लिए भी जाने जाते हैं. वैभव को दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया था और उन्होंने इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाया. ईशान किशन ने इसी चीज की तारीफ की और वैभव सूर्यवंशी को भविष्य में कप्तान बनने का बड़ा दावेदार घोषित कर दिया.
ईशान ने की वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी
BCCI ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दलीप ट्रॉफी जीतने के बाद ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी का इंटरव्यू लिया जा रहा है. इसी बीच ईशान किशन ने वैभव सूर्यवंशी की खिंचाई की और कहा कि वह DRS का क्रेडिट लेने आ जाते हैं. हालांकि, ईशान ने बाद में माना कि जब वह मैदान पर नहीं होते थे, तो वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन की बढ़िया तरह से कमान संभाली.
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ईशान ने वैभव को देखते हुए कहा, ‘शायद आप फ्यूचर में कप्तान बन सकते हैं. देखते हैं कैसे चीजें आगे बढ़ती हैं. वैभव सूर्यवंशी का टीम में होना काफी अच्छी बात है. वह एक अच्छे खिलाड़ी के साथ-साथ अच्छे लड़के भी हैं, जो सभी का ध्यान रखते हैं. मुझे उनके बारे में यह क्वालिटी बहुत पसंद है. भविष्य में वह और भी खतरनाक खिलाड़ी बन जाएंगे.’
When the Captain and Vice-Captain meet, you can expect a whole lot of fun and banter! 😄
दलीप ट्रॉफी में जब वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तानी सौंपी गई थी, तो कई पूर्व क्रिकेटर्स ने इस फैसले पर सवाल खड़े किए थे. हालांकि, सूर्यवंशी ने सभी को गलत साबित किया. सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में एक मौके पर ईशान किशन बाहर चले गए, जिसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने कप्तानी संभाली. मुकेश कुमार की गेंद पर ईस्ट जोन ने 46 रन पर बल्लेबाजी कर रहे आर्यन जुयाल के कॉट-बिहाइंड की अपील की थी, जिस पर अंपायर ने नॉटआउट करार दिया.
वैभव सूर्यवंशी ने जोखिम उठाया और रिव्यू लिया. यह फैसला सफल साबित हुआ और अंपायर को नतीजा बदलना पड़ा. वैभव ने यहां खुद को साबित कर दिया. इसके अलावा फाइनल में भी उन्होंने ईशान किशन को एक बार DRS लेने पर मजबूर किया था और ईस्ट जोन को सफलता मिली थी. DRS के मामले में वैभव ने बढ़िया फैसले लिए हैं और साबित किया है कि वह अच्छे कप्तान बन सकते हैं. भविष्य में उन्हें घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का भी दावेदार माना जा सकता है.