Controversy On Jason Holder Catch To Dismiss Rajat Patidar: अहमदाबाद में गुजरात और बेंगलुरु के बीच हुए मैच में रजत पाटीदार को आउट करने के लिए जेसन होल्डर के कैच पर विवाद खड़ा हो गया है. ये घटना पहली पारी के 8वें ओवर में हुई, जब होल्डर ने डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग से फाइन लेग की ओर दौड़ते हुए डाइव लगाकर कैच लपका.
होल्डर के कैच सपकने पर विवाद
पाटीदार ने अर्शद खान की गेंद को पुल करने की कोशिश में उसका ऊपरी किनारा लगा दिया था. कगिसो रबाडा पीछे की ओर दौड़े और इस प्रॉसेस में तकरीबन जेसन होल्डर से टकरा ही गए थे. सभी को लगा कि इस लंबे कद के ऑलराउंडर ने कैच छोड़ दिया है. लेकिन नहीं, होल्डर किसी तरह अपने बाएं हाथ से गेंद को लपकने में कामयाब रहे.
विराट कोहली की हुई बहस
पाटीदार वापस पवेलियन की ओर चलने लगे. तीसरे अंपायर ने कैच को रिव्यू किया और उन्हें आउट करार दिया. हालांकि, जब बड़ी स्क्रीन पर विज़ुअल्स दिखाए गए, तो पाटीदार बाउंड्री लाइन के पास रुक गए. आरसीबी खेमा इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं था. गुस्से से विराट कोहली तो तकरीबन मैदान में घुसने के लिए ही तैयार थे. उन्होंने और RCB के हेड कोच एंडी फ्लावर, दोनों ने ही बाउंड्री के बाहर चौथे अंपायर से इस फैसले को लेकर बहस की. दरअसल, गेंद जमीन को छू गई थी, और इसीलिए आरसीबी को लगा कि ये आउट नहीं है.
MCC का नियम क्या कहता है?
हालांकि गेंद के जमीन को छूने के बावजूद, कैच असल में क्लीन था. कैच की वैधता का फैसला करते वक्त, अंपायर 'कंट्रोल' को सबसे ज्यादा अहमियत देते हैं. इस मामले में, गेंद ने जमीन को छुआ जरूर था, लेकिन वो होल्डर की उंगलियों के बीच थी और गेंद पर उनका पूरा नियंत्रण था. मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की रूल बुक में नियम 33 (33.2.2.1) में ये बात साफ तौर से कही गई है.
नियम के मुताबिक, 'गेंद को फील्डर ने अपने हाथ या दोनों हाथों में पकड़ रखा हो, भले ही गेंद को पकड़े हुए हाथ जमीन को छू रहा हो, या शरीर से सटा हुआ हो, या फील्डर द्वारा पहने गए बाहरी प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट में फंसा हो, या गलती से फील्डर के कपड़ों में फंसा हो, तो भी वो कैच माना जाएगा.'
तीसरे अंपायर अभिजीत भट्टाचार्य को लगा कि गेंद पर होल्डर का पूरा कंट्रोल था, और इसलिए पाटीदार को आउट करार देना उनका सही फैसला था. ऐसा लगता है कि ज्यादातर लोगों को इस नियम की जानकारी नहीं है, यहां तक कि क्रिकेटरों और कोचेज को भी नहीं. उनके लिए, अगर गेंद जमीन को छू जाती है, तो वो आउट नहीं होता. जो कि ज्यादातर मामलों में सच भी होता है. लेकिन इस मामले में वो गलत हो सकते हैं.
Controversy On Jason Holder Catch To Dismiss Rajat Patidar: अहमदाबाद में गुजरात और बेंगलुरु के बीच हुए मैच में रजत पाटीदार को आउट करने के लिए जेसन होल्डर के कैच पर विवाद खड़ा हो गया है. ये घटना पहली पारी के 8वें ओवर में हुई, जब होल्डर ने डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग से फाइन लेग की ओर दौड़ते हुए डाइव लगाकर कैच लपका.
होल्डर के कैच सपकने पर विवाद
पाटीदार ने अर्शद खान की गेंद को पुल करने की कोशिश में उसका ऊपरी किनारा लगा दिया था. कगिसो रबाडा पीछे की ओर दौड़े और इस प्रॉसेस में तकरीबन जेसन होल्डर से टकरा ही गए थे. सभी को लगा कि इस लंबे कद के ऑलराउंडर ने कैच छोड़ दिया है. लेकिन नहीं, होल्डर किसी तरह अपने बाएं हाथ से गेंद को लपकने में कामयाब रहे.
विराट कोहली की हुई बहस
पाटीदार वापस पवेलियन की ओर चलने लगे. तीसरे अंपायर ने कैच को रिव्यू किया और उन्हें आउट करार दिया. हालांकि, जब बड़ी स्क्रीन पर विज़ुअल्स दिखाए गए, तो पाटीदार बाउंड्री लाइन के पास रुक गए. आरसीबी खेमा इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं था. गुस्से से विराट कोहली तो तकरीबन मैदान में घुसने के लिए ही तैयार थे. उन्होंने और RCB के हेड कोच एंडी फ्लावर, दोनों ने ही बाउंड्री के बाहर चौथे अंपायर से इस फैसले को लेकर बहस की. दरअसल, गेंद जमीन को छू गई थी, और इसीलिए आरसीबी को लगा कि ये आउट नहीं है.
MCC का नियम क्या कहता है?
हालांकि गेंद के जमीन को छूने के बावजूद, कैच असल में क्लीन था. कैच की वैधता का फैसला करते वक्त, अंपायर ‘कंट्रोल’ को सबसे ज्यादा अहमियत देते हैं. इस मामले में, गेंद ने जमीन को छुआ जरूर था, लेकिन वो होल्डर की उंगलियों के बीच थी और गेंद पर उनका पूरा नियंत्रण था. मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की रूल बुक में नियम 33 (33.2.2.1) में ये बात साफ तौर से कही गई है.
नियम के मुताबिक, ‘गेंद को फील्डर ने अपने हाथ या दोनों हाथों में पकड़ रखा हो, भले ही गेंद को पकड़े हुए हाथ जमीन को छू रहा हो, या शरीर से सटा हुआ हो, या फील्डर द्वारा पहने गए बाहरी प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट में फंसा हो, या गलती से फील्डर के कपड़ों में फंसा हो, तो भी वो कैच माना जाएगा.’
तीसरे अंपायर अभिजीत भट्टाचार्य को लगा कि गेंद पर होल्डर का पूरा कंट्रोल था, और इसलिए पाटीदार को आउट करार देना उनका सही फैसला था. ऐसा लगता है कि ज्यादातर लोगों को इस नियम की जानकारी नहीं है, यहां तक कि क्रिकेटरों और कोचेज को भी नहीं. उनके लिए, अगर गेंद जमीन को छू जाती है, तो वो आउट नहीं होता. जो कि ज्यादातर मामलों में सच भी होता है. लेकिन इस मामले में वो गलत हो सकते हैं.