नुकसान, फिक्सिंग और भ्रष्टाचार! बांग्लादेश प्रीमियर लीग पर लगा ताला, BCB ने मजबूरी में उठाया बड़ा कदम
BPL Suspended by BCB: बांग्लादेश प्रीमियर लीग को लेकर BCB ने चौंकाने वाला कदम उठाया. उन्होंने लीग पर ताला लगा दिया है और इस साल टूर्नामेंट नहीं होगा. उन्होंने इसके पीछे के कुछ कारणों के बारे में भी बात की.
BPL Suspended by BCB: बांग्लादेश प्रीमियर लीग पर ताला लग गया है. सालों से BPL का आयोजन हो रहा है, लेकिन इस बार बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस टूर्नामेंट का आयोजन नहीं कराने का फैसला लिया है. बोर्ड के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने अपना फ्यूचर प्लान सामने रखा और बताया कि इस बार बांग्लादेश प्रीमियर लीग नहीं खेला जाएगा और नए एवं सख्त नियमों के साथ BPL की वापसी कराई जाएगी. अभी यह लीग नुकसान में थी, जिस वजह से BCB ने बड़ा कदम उठाया.
BPL पर लगा ताला
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने ऐलान किया है कि BPL का इस साल आयोजन नहीं होगा. उन्होंने साफ किया कि कई टीमें लीग के नियम-कानूनों का पालन नहीं कर पा रही हैं. बांग्लादेश प्रीमियर लीग की शुरुआत 2012 में हुई थी, लेकिन यह भारत और ऑस्ट्रेलिया की T20 लीग की तरह सफलता हासिल करने में असफल रहा.
तमीम इकबाल ने बताया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BPL के कारण आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. उनके मुताबिक BPL के कारण पिछले दो साल में क्रिकेट बोर्ड को 3.3 मिलियन डॉलर (31 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा, ‘BCB को फ्रेंचाइजी क्रिकेट से फायदा होना चाहिए, नुकसान नहीं. जब तक हम चीजें सही नहीं करते, यह टूर्नामेंट जरूरी नहीं है.’
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🚨 No BPL this year! 🇧🇩
BCB President Tamim Iqbal has confirmed that the Bangladesh Premier League will not be held this year, citing a lack of time to organize the tournament properly.
Tamim says the BCB wants to take the time needed to rebuild the BPL into a tournament the… pic.twitter.com/w7loVJcBGK
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश प्रीमियर लीग विवादों में रहा है. मई में BCB ने एक खिलाड़ी और कई मैच अधिकारियों को सट्टेबाजी के आरोपों में सस्पेंड कर दिया था. पिछले सीजन में खिलाड़ियों ने BCB अधिकारी नजमुल इस्लाम के बयान से नाराज होकर कुछ मैचों को बॉयकॉट भी किया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अब चीजों को सुधारना चाहता है. तमीम इकबाल ने साफ किया कि अगले साल अप्रैल या मई में फ्रेंचाइजी सिलेक्शन की प्रक्रिया शुरू होगी और विदेशी टीमें भी इसमें हिस्सा ले सकती हैं.