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ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी में तोड़ी 138 साल की परंपरा तो इस दिग्गज ने जिताई फिक्र, क्या स्पिनरों का रोल खतरे में हैं?

Daniel Vettori: 138 साल के सिडनी टेस्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब पूरी ऑस्ट्रेलियन टीम बिना किसी स्पेशलिस्ट स्पिनर क मैदान में उतरी है, ऐसे में टीम के असिस्टेंट कोच डेनियल वेटोरी ने चिंता जताई है.

Daniel Vettori On Role of Spinners in Australia: ऑस्ट्रेलिया के असिस्टेंट कोच डेनियल विटोरी ने माना है कि ऑस्ट्रेलिया में पिचें अब ज्यादा सीम फ्रेंडली हो गई हैं, जिससे रेड-बॉल क्रिकेट में स्पिनरों का रोल कम हो गया है. विटोरी का कमेंट उस वक्त जब ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में पांचवें ऐशेज टेस्ट के लिए पूरी तरह से सीम गेंदबाजी करने का फैसला लिया. ये 1888 के बाद पहली बार था जब ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में किसी टेस्ट मैच के लिए स्पेशलिस्ट स्पिनर का सिलेक्शन नहीं किया, जिससे 138 साल पुरानी परंपरा टूट गई.

‘स्पिनर्स का खेलना मुश्किल’

ब्रिस्बेन टेस्ट में भी, मेजबान टीम ने यही चार-तरफा सीम अटैक अपनाया. डेनियल विटोरी ने सिडनी में पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘सीमर इतने असरदार रहे हैं कि उनसे दूर रहना मुश्किल है. ऐसा लगता है कि ज्यादातर समय खेल में वही एक्टिव रहेंगे, और स्पिनरों को इस तरह की सरफेस पर खेल में शामिल होना मुश्किल हो गया है.’

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AUS के प्लेइंग 11 में किसे मिला मौका?

मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी टेस्ट के दौरान प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया, जिसमें ऑल-राउंडर ब्यू वेबस्टर ने सीमर्स झाय रिचर्डसन की जगह ली. नेथन लायन, ऑस्ट्रेलिया के सबसे कामयाब फिंगर स्पिनर, इस मैच के लिए उपलब्ध नहीं थे, जबकि युवा ऑफ-स्पिनर टॉड मर्फी को चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज किया.

सिडनी की पिच में आया बदलाव

नंबर्स के मुताबिक, साल 2021 की शुरुआत से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए टेस्ट मैचों में स्पिनर्स का औसत 49.18 रहा है, जबकि सीमर्स का औसत 27.72 है. कभी डाउन अंडर में सबसे स्पिन-फ्रेंडली सरफेस मानी जाने वाली, हाल के साल में एससीजी की पिचों के नेचर में नाटकीय बदलाव आया है.

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क्या स्पिनरों का रोल खतरे में हैं?

भले ही स्पिनर्स को ऑस्ट्रेलिया में नजरअंदाज किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद डेनियल वेटोरी भविष्य को लेकर आशावादी बने हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘किसी न किसी स्टेज पर ये पिछले कुछ सालों से पहले जैसी स्थिति में लौट सकता है, लेकिन इस समय ये तेज गेंदबाजों के बारे में है. आपने पिछले 3 सालों में देखा है कि यहां स्पिन गेंदबाजों के लिए परिणाम घटते गए हैं, जो निश्चित तौर पर हम नहीं चाहते, लेकिन ये सरफेस का नेचर है.’

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इंग्लैंड ने भी बनाई ऐसी ही रणनीति

ऑस्ट्रेलिया की तरह, इंग्लैंड ने भी इसी तरह की रणनीति अपनाई और सिडनी टेस्ट के लिए पूरी तरह तेज गेंदबाजों पर आधारित अटैक के साख खेलने का ऑप्शन चुना, और एक बार फिर शोएब बशीर को पूरी एशेज टेस्ट सीरीज में बेंच पर बिठाकर रखा गया. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि कंगारू सरजमीन पर फिरकी गेंदबाजों का भविष्य क्या होगा?

First published on: Jan 05, 2026 10:42 AM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वो स्पोर्ट्स की खबरें लिखते हैं. हालांकि उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है. 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत करने के बाद, वो दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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