क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने BBL को प्राइवेटाइज करने का किया ऐलान, अब IPL फ्रेंचाइजियां भी खरीद सकती हैं टीमें
Big Bash League: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने BBL के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला करते हुए लीग को प्राइवेटाइज करने को हरी झंडी दे दी है. सीए ने मंगलवार (8 सितंबर) को ऐलान किया कि बीबीएल को प्राइवेट इन्वेस्टमेंट के लिए खोला जाएगा.
BBL में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को मिली मंजूरी (PIC Credit - AI)
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Big Bash League: ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली टी20 क्रिकेट लीग बिग बैश लीग (BBL) में अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजियों की टीमें भी खेलती नजर आ सकती हैं. दरअसल, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने BBL के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला करते हुए लीग को प्राइवेटाइज करने को हरी झंडी दे दी है. सीए ने मंगलवार (8 सितंबर) को ऐलान किया कि बीबीएल को प्राइवेट इन्वेस्टमेंट के लिए खोला जाएगा और इसकी शुरुआत मेलबर्न रेनेगेड्स की बिक्री से होगी. ऐसे में अब बीबीएल में IPL फ्रेंचाइजियों की भी एंट्री हो सकती है.
मेलबर्न रेनेगेड्स को मिलेगा नया मालिक
दरअसल, बिग बैश लीग (BBL) में ऑस्ट्रेलिया की राज्यों की क्रिकेट संस्थानों की टीमें ही हिस्सा लेती हैं, जिनके पास फ्रेंचाइजियों का मालिकाना हक होता है. लेकिन अब इस लीग में प्राइवेट इन्वेस्टर भी टीमें खरीद सकते हैं. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि बीबीएल फ्रेंचाइजियों के 49 प्रतिशत और मेलबर्न रेनेगेड्स के 100 प्रतिशत की ब्रिकी की अनुमति दे दी गई है. इसके लिए प्राइवेट इन्वेस्टर की बोलियां आमंत्रित किए जाएंगे.
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सीए के मुताबिक, नया ऑनरशिप मॉडल बीबीएल और डब्ल्यूबीबीएल के 2027-28 सीजन से प्रभावी होगा. ऐसे में 2018-19 सीजन की बीबीएल चैंपियन रही रेनेगेड्स टीम को जल्द ही नया मालिक मिल सकता है. फिलहाल इस टीम का मालिकाना हक क्रिकेट विक्टोरिया के पास है. सीए के चेयरमैन माइक बेयर्ड ने अपने बयान में कहा कि BBL में निजी निवेश का रास्ता खोलना खेल के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
It's confirmed. The Big Bash will enter a new era with private investment approved.
मेलबर्न रेनेगेड्स का लाइसेंस बिकने के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अब अन्य बीबीएल क्लबों को भी निजी निवेश के लिए बाजार में उतारने पर विचार कर रहा है. इसके लिए ‘स्व-निर्धारण मॉडल’ अपनाया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक राज्य को यह फैसला लेने की आजादी होगी कि वह अपने BBL टीम की हिस्सेदारी बेचना चाहता है या नहीं और इसके लिए सही समय क्या होगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, होबार्ट हरिकेंस, मेलबर्न स्टार्स और पर्थ स्कॉर्चर्स उन प्रमुख टीमों में शामिल हैं, जिन्होंने प्राइवेट इन्वेस्टर्स को जोड़ने में रुचि दिखाई है.
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वहीं, सिडनी की दोनों फ्रेंचाइजी सिडनी सिक्सर्स और सिडनी थंडर के अलावा, ब्रिस्बेन हीट और एडिलेड स्ट्राइकर्स फिलहाल प्राइवेट इन्वेस्टमेंट के पक्ष में नजर नहीं आ रही हैं. हालांकि, नए स्व-निर्धारण मॉडल के तहत इन राज्यों के पास भविष्य में अपने टीमों में हिस्सेदारी बेचने या निजी निवेश लाने का विकल्प खुला रहेगा.
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की कई फ्रेचाइंजियां दुनिया भर के विभिन्न लीगों में अपनी टीमें उतार चुकी हैं. सुपर जायंट्स, नाइट राइंडर्स, MI और CSK जैसी दिग्गज टीमों की मालिकों ने SA20, CPL, MLC और अन्य फ्रेंचाइजी लीगों में हिस्सेदारी खरीदें हैं. ऐसे में अब BBL में प्राइवेट इन्वेसमेंट शुरू होने के बाद IPL फ्रेंचाइजियां BBL की टीमों की हिस्सेदारी भी खरीद सकती हैं.
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Sanjeet
संजीत कुमार News24 में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), वाराणसी से जर्नलिज्म में परास्नातक की पढ़ाई पूरी की. मूलत: ज्ञान और मोक्ष की भूमि, गया (बिहार) के रहने वाले हैं और पिछले 4 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं. क्रिकेट खेलना और देखना काफी पसंद है. क्रिकेट, हाॅकी और फुटबॉल जैसे खेलों में रुचि रखते हैं.