पृथ्वी के भविष्य को लेकर वैज्ञानिकों के बीच लंबे समय से ये धारणा रही है कि जब सूरज अपने आखिरी फेज में पहुंचेगा और रेड जायंट का रूप धारण करेगा, तब वो पृथ्वी को निगल जाएगा. लेकिन हाल ही में सामने आए एक नए स्पेस रिसर्च ने इस सोच को चुनौती दी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी का भविष्य पहले की तुलना में ज्यादा जटिल और अनिश्चित हो सकता है. रिसर्चर्स के मुताबिक, सूरज अपने अभी अपने जीवन के मिडिल फेज में है और अगले लगभग 5 अरब सालों तक स्थिर रहेगा. इसके बाद उसके सेंटर में मौजूद हाइड्रोजन फ्यूल खत्म होने लगेगा और वो धीरे-धीरे फैलकर रेड जायंट बन जाएगा. अब तक माना जाता था कि इस दौरान सूर्य इतना बड़ा हो जाएगा कि वो पृथ्वी को अपनी बाहरी परतों में समेट लेगा.
क्या कहती है नई स्टडी?
हालांकि नए स्टडी में वैज्ञानिकों ने बताया है कि सूर्य के फैलने के साथ-साथ उसका द्रव्यमान (Mass) भी कम होगा. द्रव्यमान कम होने की वजह से ग्रहों की कक्षाएं बाहर की ओर खिसक सकती हैं. ऐसे में पृथ्वी सूर्य से पहले की तुलना में ज्यादा दूर चली जा सकती है. इसी वजह से कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी का सीधे सूर्य में समा जाना तय नहीं है. वैज्ञानिकों ने ये भी साफ किया है कि अगर सूर्य पृथ्वी को नहीं निगर पाता, तब भी उसके लिए हालात बेहद कठिन होंगे. सूर्य की बढ़ती चमक और तापमान की वजह से पृथ्वी पर मौजूद महासागर धीरे-धीरे गायब हो सकते हैं.
क्या बदलाव आएंगे?
वातावरण में बड़े बदलाव आएंगे और लाइफ के जरूरी परिस्थितियां खत्म हो सकती हैं. यानी पृथ्वी का अस्तित्व भले बना रहे, लेकिन उस पर जीवन का बचना लगभग नामुमकिन होगा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रह्मांड में ऐसे कई उदाहरण मिले हैं जहां मरते हुए तारों के आसपास ग्रहों के अवशेष देखे गए हैं. इन्हीं सबूतों के आधार पर वैज्ञानिक सूर्य और पृथ्वी के भविष्य को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश कर रहे हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, पृथ्वी के भविष्य को लेकर अभी भी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं. नई खोज ये संकेत देती है कि सूर्य के अंतिम चरण में पृथ्वी का पूरी तरह नष्ट होना निश्चित नहीं है. हालांकि इतना तय माना जा रहा है कि अरबों सालों बाद पृथ्वी आज जैसी जीवनदायी दुनिया नहीं रह पाएगी.
पृथ्वी के भविष्य को लेकर वैज्ञानिकों के बीच लंबे समय से ये धारणा रही है कि जब सूरज अपने आखिरी फेज में पहुंचेगा और रेड जायंट का रूप धारण करेगा, तब वो पृथ्वी को निगल जाएगा. लेकिन हाल ही में सामने आए एक नए स्पेस रिसर्च ने इस सोच को चुनौती दी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी का भविष्य पहले की तुलना में ज्यादा जटिल और अनिश्चित हो सकता है. रिसर्चर्स के मुताबिक, सूरज अपने अभी अपने जीवन के मिडिल फेज में है और अगले लगभग 5 अरब सालों तक स्थिर रहेगा. इसके बाद उसके सेंटर में मौजूद हाइड्रोजन फ्यूल खत्म होने लगेगा और वो धीरे-धीरे फैलकर रेड जायंट बन जाएगा. अब तक माना जाता था कि इस दौरान सूर्य इतना बड़ा हो जाएगा कि वो पृथ्वी को अपनी बाहरी परतों में समेट लेगा.
क्या कहती है नई स्टडी?
हालांकि नए स्टडी में वैज्ञानिकों ने बताया है कि सूर्य के फैलने के साथ-साथ उसका द्रव्यमान (Mass) भी कम होगा. द्रव्यमान कम होने की वजह से ग्रहों की कक्षाएं बाहर की ओर खिसक सकती हैं. ऐसे में पृथ्वी सूर्य से पहले की तुलना में ज्यादा दूर चली जा सकती है. इसी वजह से कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी का सीधे सूर्य में समा जाना तय नहीं है. वैज्ञानिकों ने ये भी साफ किया है कि अगर सूर्य पृथ्वी को नहीं निगर पाता, तब भी उसके लिए हालात बेहद कठिन होंगे. सूर्य की बढ़ती चमक और तापमान की वजह से पृथ्वी पर मौजूद महासागर धीरे-धीरे गायब हो सकते हैं.
क्या बदलाव आएंगे?
वातावरण में बड़े बदलाव आएंगे और लाइफ के जरूरी परिस्थितियां खत्म हो सकती हैं. यानी पृथ्वी का अस्तित्व भले बना रहे, लेकिन उस पर जीवन का बचना लगभग नामुमकिन होगा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रह्मांड में ऐसे कई उदाहरण मिले हैं जहां मरते हुए तारों के आसपास ग्रहों के अवशेष देखे गए हैं. इन्हीं सबूतों के आधार पर वैज्ञानिक सूर्य और पृथ्वी के भविष्य को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश कर रहे हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, पृथ्वी के भविष्य को लेकर अभी भी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं. नई खोज ये संकेत देती है कि सूर्य के अंतिम चरण में पृथ्वी का पूरी तरह नष्ट होना निश्चित नहीं है. हालांकि इतना तय माना जा रहा है कि अरबों सालों बाद पृथ्वी आज जैसी जीवनदायी दुनिया नहीं रह पाएगी.