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Sunday Surya Puja: रविवार को करें इन 2 वृक्षों की पूजा, जल्द ही हर मुराद होगी पूरी

रविवार को सूर्य देव की पूजा से आरोग्य, सौभाग्य, सफलता, ऊर्जा और विशेष फलों समर्पित है। इसलिए इस दिन सूर्य देव की पूजा करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। आइए जानते हैं, रविवार को किन दो वृक्षों की पूजा से सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है?

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आपको यकीन नहीं होगा कि हिन्दू धर्म रविवार के दिन विशेष रूप से किसी वृक्ष की पूजा का विधान नहीं है। हालांकि भारत में कुछ स्थानों इस दिन तुलसी की पूजा की जाती है, लेकिन इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है। चूंकि रविवार का दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित है। इसलिए इस दिन सूर्य देव की पूजा करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन क्या आप जानते है, रविवार को किस वृक्ष की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल प्राप्त होता है?

रविवार को नहीं होती है पीपल पूजा

कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार के दिन पीपल वृक्ष की पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा है कि इस दिन माता लक्ष्मी की बड़ी बहन दरिद्रा पीपल के वृक्ष पर निवास करती हैं। इसलिए, रविवार को पीपल की पूजा करने से घर में दरिद्रता आ सकती है। आपको बात दें कि इसके विपरीत शनिवार को पीपल के वृक्ष की पूजा करना शुभ माना जाता है।

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रविवार को करें इन वृक्षों की पूजा

कुछ मान्यताओं के अनुसार, रविवार के दिन वट वृक्ष की पूजा करना शुभ माना गए है। इसे बरगद भी कहते हैं और इस दिन इस वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। वहीं कुछ स्थानों पर रविवार को आक या अकवन के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। हिन्दू धर्म में वट वृक्ष सहित आक का पौधा, जिसे ‘मदार’ भी कहा जाता है, सूर्य देव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। यही कारण है कि इसकी पत्तियां सूर्य देव को अर्पित की जाती हैं। मान्यता है कि इससे आरोग्यता, उन्नति और सूर्य दोष से मुक्ति मिलती है।

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ऐसे करें सूर्य पूजा

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • तांबे के लोटे में जल लें और उसमें लाल रोली, लाल फूल और अक्षत (अरवा चावल) डालें।
  • उगते हुए सूर्य की ओर मुख करके उस जल को धीरे-धीरे अर्पित करें।
  • जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्रों का जाप करें।
  • जल चढ़ाने के बाद हाथ जोड़कर सूर्य देव को प्रणाम करें और अपनी मनोकामनाएं कहें।

इन मंत्रों का करें जाप

मान्यता है कि रविवार को वट वृक्ष और मदार की पूजा करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन इन वृक्षों के नीचे दीपक जलाकर, जल चढ़ाकर और मंत्र पढ़कर पूजा की जाती है। सूर्य पूजा के समय ‘ॐ सूर्याय नमः’ और ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्रों का जाप करें। मान्यता है कि इन मंत्रों से सूर्य की पूजा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Apr 26, 2025 10:19 PM

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Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। साल 2015 से वे धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं और इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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