Surya Grahan 2026 Today Timing: आज रात में 'इतने बजे' से लगेगा सूर्य ग्रहण, पंडित जी से जानें दान करें या नहीं, दूर करें सूतक का कन्फ्यूजन

Surya Grahan 2026 Today Timing: आज 12 अगस्त की रात में इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इसे लेकर लोगों में कन्फ्यूजन है कि भारत में सूतक मान्य होगा या नहीं? आइए पंडित हर्षवर्द्धन शांडिल्य से जानें, इस मौके स्नान-दान करना अनिवार्य या नहीं?

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Surya Grahan 2026 Today Timing: आज 12 अगस्त, 2026 को साल की एक सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होगी, वह है इस साल का पूर्ण सूर्य ग्रहण लगना. सूर्य ग्रहण को लेकर भारत में अनेक मान्यताएं और रीति-रिवाज हैं, जो सदियों से बदस्तूर चली आ रही हैं. इसके कुछ ज्योतिषीय नियम भी काफी सख्त हैं. इन्हीं नियमों और रूढ़ियों में से कुछ हैं, सूर्य ग्रहण पर सूतक लगना, पवित्र नदी-सरोवर में स्नान करना और दान देना. आइए ज्योतिषाचार्य और पंडित हर्षवर्द्धन शांडिल्य जी से जानते हैं, आज लगने वाले सूर्य ग्रहण के मौके पर ग्रहण के सूतक लगने को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन क्यों है और इस मौके पर स्नान-दान-पुण्य करें या नहीं?

आज ‘इतने बजे’ से लगेगा सूर्य ग्रहण

आज 12 अगस्त, 2026 पूर्ण सूर्य ग्रहण इस साल का एक सबसे बड़ा खगोलीय नजारा है. पंचांग के अनुसार, भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण आज रात में 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा, जो 13 अगस्त की रात 1 बजकर 28 मिनट तक चलेगा. वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ग्रहण का चरम यानी पीक टाइम रात में लगभग 11 बजकर 16 मिनट पर होगा. ज्योतिषाचार्य और पंडित हर्षवर्द्धन शांडिल्य जी बताते हैं कि जब सूर्य ग्रहण लगेगा, तब भारत में रात होगी.

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आपको बता दें कि चूंकि रात में सूर्य अस्त होते हैं, इसलिए यह खगोलीय घटना भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगी. लेकिन दुनिया के अनेक हिस्सों में, जैसे- ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और उत्तरी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ भागों में इस अद्भुत नजारा को देखा जा सकेगा. इसका प्रसारण इंटरनेट भी होगा. खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग इसे ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के जरिए पूरी दुनिया में कहीं भी देख सकते हैं

दूर करें सूतक का कन्फ्यूजन!

ज्योतिषाचार्य और पंडित हर्षवर्द्धन शांडिल्य जी के अनुसार, चूंकि भारत में इस ग्रहण के समय सूर्यदेव दिखाई नहीं देंगे यानी ग्रहण प्रत्यक्ष नहीं होगा, इसलिए इसका कोई धार्मिक नियम या सूतक काल मान्य नहीं है. वे कहते हैं कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी ग्रहण, चाहे वह सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण, आंशिक ग्रहण हो या पूर्ण ग्रहण, इसका सूतक तभी लागू होता है, जब ग्रहण का दृश्य प्रभाव हो और सूर्य या चंद्रमा दिखता हो.

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स्नान-दान करें या नहीं?

ज्योतिषाचार्य पंडित हर्षवर्द्धन शांडिल्य जी के अनुसार, चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां ग्रहण से जुड़े कोई धार्मिक नियम अनिवार्य नहीं हैं. ग्रहण के बाद स्नान की परंपरा भी मुख्य रूप से उन्हीं जगहों पर मानी जाती है, जहां ग्रहण दिखाई देता है. भारत में उस समय रात होगी और सूर्यास्त हो चुका होगा. इसलिए ग्रहण खत्म होने के बाद खास तौर पर स्नान करना जरूरी नहीं माना गया है.

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वे यह भी कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपनी आस्था या परिवार की परंपरा के हिसाब से स्नान करना चाहे, तो कर सकता है. इसी तरह ग्रहण के दौरान या बाद में दान-पुण्य करना भी पूरी तरह आपकी इच्छा पर है. जरूरतमंदों को खाना, कपड़े, गुड़, गेहूं या राशन देना अच्छा धार्मिक और सामाजिक काम माना जाता है. लेकिन ऐसा करना जरूरी नहीं है. इसलिए अपनी श्रद्धा और क्षमता के हिसाब से ही फैसला ले सकते हैं. आज का ग्रहण धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण नहीं है, इसलिए कोई भी कन्फ्यूजन मत रखें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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