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Samudrik Shastra: बैठने का अंदाज खोलता है पर्सनैलिटी और सोच के छिपे राज, जानें व्यक्ति का स्वभाव और माइंडसेट

Samudrik Shastra: सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, बैठने का अंदाज पर्सनैलिटी, सोच और आत्मविश्वास के कई राज खोलता है. बॉडी लैंग्वेज से माइंडसेट और तनाव का स्तर भी समझा जा सकता है. आइए जानते हैं, बैठने की कौन-सी मुद्रा क्या कहती है?

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Samudrik Shastra: क्या आप जानते हैं कि आप जिस तरह कुर्सी पर बैठते हैं, वह आपके दिमाग की गहराइयों का नक्शा होता है? सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, बैठने की मुद्रा यानी सीटिंग पोश्चर (Sitting Posture) आपके आत्मविश्वास, रचनात्मकता और यहां तक कि तनाव के स्तर को भी उजागर कर देती है. आपकी बॉडी लैंग्वेज का यह छोटा-सा हिस्सा किसी से नहीं छिपता है और सामने वाला तुरंत आपका मूल्यांकन कर लेता है. आइए जानते हैं, कौन-सी मुद्रा क्या कहती है?

सीधे बैठना: अनुशासन और भरोसे की निशानी

जो लोग घुटने और कमर सीधी रखकर बैठते हैं, वे अत्यधिक अनुशासित और भरोसेमंद होते हैं. उनकी सोच तर्कसंगत होती है और वे समय के पाबंद माने जाते हैं. ऐसे लोग काम में गंभीरता लाते हैं और हर फैसला सोच-समझकर लेते हैं.

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क्रॉस लेग बैठना: कल्पनाशील और रक्षात्मक

एक पैर के ऊपर दूसरा पैर रखकर बैठने वाले लोग रचनात्मक होते हैं. ये दिखने में थोड़े शर्मीले और सतर्क रहते हैं. ऐसे लोग विवाद में पड़ना पसंद नहीं करते और अपनी भावनाओं को छिपाकर रखते हैं. वे दूसरों पर जल्दी भरोसा नहीं करते और अक्सर आत्म-विश्लेषण में लगे रहते हैं.

टखने क्रॉस कर बैठना: शांत और गहरे विचारक

जो लोग बैठते समय सिर्फ अपने टखनों को क्रॉस करते हैं, वे स्वभाव से बेहद शांत होते हैं. ये मुद्रा संकेत देती है कि व्यक्ति हर बात को गहराई से सोचता है. ऐसे लोग किसी भी स्थिति का पूरा आकलन करने के बाद ही कोई कदम उठाते हैं. वे विवेकशील और संयमी होते हैं.

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तिरछा बैठना: महत्वाकांक्षी और दृढ़ निश्चयी

जो दोनों पैर चिपकाकर तिरछा बैठते हैं, वे बेहद महत्वाकांक्षी होते हैं. ये अपनी शर्तों पर जीना पसंद करते हैं. एक बार जो ठान लिया, उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. इनकी कार्यशैली कूल और प्रभावशाली होती है और ये कभी हार मानने वालों में से नहीं होते.

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बैठकर पैर हिलाना: मानसिक तनाव और अस्थिरता

बार-बार पैर हिलाने वाले लोग अक्सर मानसिक तनाव या चिंता का शिकार होते हैं. यह मुद्रा बताती है कि व्यक्ति का मन अस्थिर है और वह किसी न किसी बात को लेकर परेशान है. ऐसे लोग धैर्य नहीं रख पाते और उनकी सोच पर नकारात्मकता हावी रहती है.

कुर्सी के किनारे पर बैठना: चिंता और जल्दबाजी का संकेत

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, कुर्सी के किनारे पर बैठने वाले लोग अंदर से बेचैन होते हैं. वे हर समय यह सोचते रहते हैं कि उन्हें अभी उठकर कहीं और जाना है. यह मुद्रा मानसिक दबाव और फैसले लेने में जल्दबाजी को दर्शाती है. ऐसे लोग शायद ही कभी गहरी सांस लेकर बैठते हैं.

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पैर फैलाकर बैठना: प्रभुत्व और अनौपचारिकता

दूसरी तरफ, पैर फैलाकर आराम से बैठना प्रभुत्व और खुलेपन का प्रतीक है. ऐसे लोग अपने आप में आश्वस्त होते हैं और दूसरों पर हावी होना पसंद करते हैं. लेकिन यह मुद्रा अत्यधिक अनौपचारिक स्थितियों में ही उचित समझी जाती है. शास्त्र यह भी सलाह देता है कि दक्षिण दिशा की ओर पैर करके न बैठें और पैर पर पैर चढ़ाने से बचें. सीधी कमर, खुले पैर और पूर्व या उत्तर मुख करके बैठना सबसे शुभ और सकारात्मक माना गया है.

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घुटने सटे, पंजे दूर: आराम पसंद और भावुक

जो लोग घुटने सटाकर और पैरों के पंजे दूर रखकर बैठते हैं, वे अपने आसपास का माहौल सुहावना रखना चाहते हैं. ये भावुक और दिल के साफ होते हैं, लेकिन कभी-कभी जिम्मेदारी टालने की आदत भी रखते हैं.

पैर सटे, घुटने दूर: जिद्दी और बेचैन’

ऐसे लोग अक्सर अपनी बात पर अड़े रहते हैं और थोड़े जिद्दी होते हैं. इनमें एकाग्रता की कमी हो सकती है और ये बिना सोचे-समझे बात भी बोल देते हैं. ये लोग अक्सर अपनी गलतियों को मानने से भी बचते हैं, जिससे इनके रिश्ते और करियर दोनों प्रभावित होते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Apr 29, 2026 03:28 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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