Vijaya Parvati Vrat 2026: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर विजया पार्वती व्रत रखा जाता है. इसे जया पार्वती व्रत के नाम से भी जानते हैं. विजया पार्वती व्रत का पर्व 5 दिनों का होता है. इस दौरान 5 दिनों तक व्रत और पूजा-अर्चना की जाती है. सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए विजया पार्वती व्रत करती हैं. इसके अलावा कुंवारी कन्याएं यह व्रत शीघ्र विवाह और मनचाहे जीवनसाथी के लिए करती हैं.
विजया पार्वती शुभ मुहूर्त (Vijaya Parvati Vrat Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त- 04:16 ए एम से 04:58 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04:37 ए एम से 05:40 ए एम
विजय मुहूर्त- 02:43 पी एम से 03:38 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 07:15 पी एम से 08:18 पी एम
निशिता मुहूर्त- 12:07 ए एम से 12:49 ए एम, 28 जुलाई
प्रदोष काल – 07:15 पी एम से 9 बजकर 20 पी एम
विजया पार्वती व्रत पूजा विधि (Vijaya Parvati Puja Vidhi)
आज विजया पार्वती व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थान की सफाई कर मां पार्वती और शिव जी की प्रतिमा स्थापित करें. चौकी लगाकर मां पार्वती की प्रतिमा स्थापित करने के बाद मां पार्वती के समक्ष धूप और दीप जलाएं. उन्हें श्रृंगार का सामान अर्पित करें. खीर, फल और मिठाई का भोग लगाएं. इसके बाद व्रत कथा का पाठ करें और आरती कर पूजा संपन्न करें.
शाम को प्रदोष काल में पूजा अवश्य करें. इस दिन प्रदोष काल में पूजा से विशेष लाभ मिलता है. पांच दिनों तक विजया पार्वती व्रत के दौरान रोजाना मां पार्वती की पूजा करें. इस दौरान 5 दिनों तक नमक का त्याग करें. विजया पार्वती व्रत में सिर्फ दूध, दही और फल ही खाएं. यह व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होगा. पारिवारिक जीवन में खुशहाली और संतान सुख के लिए व्रत करना अच्छा होता है.
माता पार्वती की आरती (Mata Parvati Ki Aarti)
जय पार्वती माताजय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवीशुभ फल की दाता,
अरिकुल पद्म विनाशिनिजय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा,हरिहर गुण गाता,
सिंह को वाहन साजे,कुण्डल हैं साथा
देव वधू जस गावत,नृत्य करत ताथा,
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर,नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी,सखियन संग राता,
शुम्भ निशुम्भ विदारे,हेमांचल स्थाता
सहस्र भुजा तनु धरि के,चक्र लियो हाथा,
सृष्टि रूप तुही हैजननी शिवसंग रंगराता
नन्दी भृंगी बीन लहीसारा जग मदमाता,
देवन अरज करतहम चित को लाता
गावत दे दे ताली,मन में रंगराता,
श्री प्रताप आरती मैया की,जो कोई गाता
सदासुखी नित रहतासुख सम्पत्ति पाता,
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.