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Vidura Niti: कभी न छोड़ें इन 3 चीजों का साथ, जल्द ही बदलता है भाग्य, नहीं रहती हैं किसी चीज की कमी!

Vidura Niti: विदुर, महाभारत काल के एक महान विद्वान और राजनीतिज्ञ थे। विदुर जी ने विदुर नीति में जीवन में 3 ऐसी चीजों के बारे में बताया है, जिन पर हमें कभी शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए और इन 3 चीजों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। आइए जानते हैं क्या हैं, ये 3 चीजें।

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Vidura Niti: विदुर को महात्मा विदुर क्यों कहते हैं? यदि आप इसका कारण जानते हैं, तो आपने निस्संदेह इस आर्टिकल के मैसेज को समझ लिया होगा कि इसमें किन बातों की चर्चा की गई है। यदि आप यह नहीं जानते हैं कि विदुर को महात्मा विदुर क्यों कहते हैं, तो यह आलेख आपके लिए है। विदुर ने अपनी पुस्तक विदुर नीति में जीवन को समग्र रूप से समझने का प्रयास किया है। धृतराष्ट्र के साथ उनकी बात जीवन के लगभग सभी पहलुओं पर हुआ है।

विदुर, महाभारत काल के एक महान विद्वान और राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने जीवन के हर पहलू पर गहन चिंतन किया और अपने विचारों को विदुर नीति के रूप में प्रस्तुत किया। यह नीति आज भी लोगों को मार्गदर्शन देती है। विदुर जी ने जीवन में 3 ऐसी चीजों के बारे में बताया है, जिन पर हमें कभी शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए और इन 3 चीजों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। आइए जानते हैं क्या हैं, ये 3 चीजें।

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सच्ची पहचान कपड़ों से नहीं काम से होती है

आचार्य विदुर बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति थे। विदुर नीति में उन्होंने कहा है कि कपड़े हमारी पहचान का एक हिस्सा तो होते हैं, लेकिन हमारी पूरी पहचान नहीं। मतलब, हम कौन हैं, ये सिर्फ हमारे कपड़ों से नहीं पता चलता। अगर हमारे पास पुराने कपड़े हैं, लेकिन वो साफ हैं और पहनने लायक हैं, तो हमें शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। हमें महंगे कपड़े पहनकर दूसरों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हमारी असली पहचान हमारे कामों से होती है, हमारे व्यवहार से होती है। हम कितने अच्छे इंसान हैं, ये हमारे कपड़ों से नहीं पता चलता। हमें हमेशा सादगी और विनम्रता का जीवन जीना चाहिए।

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मित्रता का महत्व समझें

आचार्य विदुर ने दोस्ती के बारे में भी बहुत कुछ बताया है। विदुर नीति में वे कहते हैं कि सच्चा दोस्त वो होता है, जो हर मुश्किल समय में आपके साथ खड़ा रहे। चाहे आप अमीर हों या गरीब, सच्चा दोस्त हमेशा आपके साथ रहेगा। अगर आपका कोई दोस्त आर्थिक रूप से कमजोर है, तो आपको उससे कभी शर्म नहीं करनी चाहिए। दोस्ती में पैसों का कोई मतलब नहीं होता। दोस्ती की नींव प्यार, विश्वास और समझ पर होती है। अगर आप किसी को सच्चे दिल से प्यार करते हैं और उस पर विश्वास करते हैं, तो आप दोनों हमेशा अच्छे दोस्त रहेंगे। दोस्ती में ये बातें बहुत मायने रखती हैं, न कि ये कि आपका दोस्त कितना अमीर है या कितना पढ़ा-लिखा है।

जीवन का आधार हैं माता-पिता

आपने कभी सोचा है कि हमारी जिंदगी की नींव किस पर टिकी है? दरअसल, हमारी जिंदगी की नींव हमारे माता-पिता ही हैं। उन्होंने हमें जन्म दिया, पाला-पोसा और हमें एक अच्छा इंसान बनाने की हर कोशिश की। विदुर जी ने कहा था कि अपने माता-पिता का सम्मान करना हर बच्चे का फर्ज है। उन्होंने बताया कि माता-पिता हमारे लिए कितना कुछ करते हैं। हमें हमेशा उनकी सेवा करनी चाहिए। माता-पिता का सम्मान न करना बहुत बड़ी असभ्यता है। यह दिखाता है कि हम कितने बुरे इंसान हैं। जो लोग अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करते, लोग उनकी निंदा करते हैं। माता-पिता ने हमारे लिए जो कुछ किया है, उसके लिए हमें उनका हमेशा आभारी रहना चाहिए।

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जल्द ही बदलता है भाग्य 

विदुर जी ने हमें सिखाया कि जीवन में सबसे जरूरी क्या है। उन्होंने कहा कि हमें सादा जीवन जीना चाहिए। महंगे कपड़े पहनने या दिखावे की ज़िंदगी जीने की कोई जरूरत नहीं है। हमें अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए, चाहे वे कितने भी बूढ़े हों। हमें अपने दोस्तों का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे वे कितने भी गरीब हों। इस नीति पर कायम रहने और हमेशा टिके रहने से नसीब यानी भाग्य पर जबरदस्त प्रभाव पड़ता है। देर हो सकती है, अंधेर नहीं हो सकता है। ऐसे लोगों का भाग्य जल्द ही पलट जाता है। यदि बुरा दिन चल रहा होता है, तो वह अच्छे दिन में बदल जाता है और जिनका दिन पहले से ही बढ़िया है, तो वह और भी भाग्यवर्धक हो जाता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jan 20, 2025 10:59 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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