Vat Savitri Vrat Katha: आज वट सावित्री व्रत पर जरूर पढ़ें ये पौराणिक कथा, इसके बिना अधूरा माना जाता है पूजन

Vat Savitri Vrat Katha: वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है. अखंड सौभाग्य की प्राप्ति और पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री व्रत करना शुभ माना जाता है. इस दिन व्रत और पूजा के साथ ही व्रत कथा का पाठ करना चाहिए. इस व्रत कथा के बिना पूजा अधूरी मानी जाता है.

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Photo Credit- News24GFX

Vat Savitri Vrat Katha: आज यानी 16 मई 2026, दिन शनिवार को ज्येष्ठ अमावस्य तिथि पर वट सावित्री व्रत रखा जा रहा है. वट सावित्री व्रत पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाता है. यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद ही खास होता है. वट सावित्री व्रत के दिन पूजा और व्रत के साथ ही व्रत कथा को जरूर पढ़ना चाहिए. सावित्री और सत्यवान की कथा के बिना इस व्रत को अधूरा माना जाता है. आप इस व्रत को कर रही हैं, तो आज इस व्रत कथा का पाठ जरूर करें.

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वट सावित्री व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में मद्रदेश के राजा अश्वपति की कोई संतान नहीं थी. उन्होंने कठोर तपस्या कर मां सावित्री को प्रसन्न किया. इसके बाद उन्हें सुंदर और तेजस्विनी कन्या का वरदान मिला. राजा ने अपनी बेटी का नाम सावित्री रखा. सावित्री विवाह के योग्य हुई, तब उन्होंने सत्यवान को अपने जीवनसाथी के रूप में चुना. सत्यवान बेहद ही गुणी था. वह अपने अंधे माता-पिता के साथ वन में रहता था.

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ऋषि नारद ने सावित्री के पिता राजा अश्वपति को बताया कि, सत्यवान की उम्र का केवल एक वर्ष बचा है. इसको लेकर राजा चिंतित हुए उन्होंने सावित्री को समझाया, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही. इसके बाद सावित्री ने सत्यवान से विवाह कर लिया. सावित्री शादी के बाद पति और अपने सास-ससुर की सेवा में लग गई. जब सत्यवान की मृत्यु का दिन आया. उस दिन सावित्री ने व्रत रखा और पति के साथ वन में लकड़ी काटने गई.

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सावित्री यमराज से वापस लाई पति के प्राण

वन में लकड़ी काटते हुए सत्यवान अचानक से गिर पड़ा. इसके बाद यमराज ने सत्यवान के प्राण ले लिये. सावित्री ने यमराज का पीछा किया. यमराज ने सावित्री की पतिव्रता से प्रसन्न होकर उसे तीन वरदान दिये. पहले वरदान में सास-ससुर की आँखों की रोशनी और राज्य वापस मांगा. दूसरे वरदान में अपने पति के लिए सौ पुत्रों का वरदान मांगा. फिर अपने लिए सौ पुत्रों का वरदान मांगा. यमराज के तथास्तु कहने पर उसने कहा बिना पति के संतान कैसे संभव है. इसके बाद यमराज को सत्यवान को जीवनदान दे दिया.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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