Guru Purnima vs Teachers Day: भारतीय संस्कृति में शिक्षक और गुरुजनों को बहुत ही सम्मानीय माना जाता है. अच्छे शिक्षक और गुरु ही मार्गदर्शक बनते हैं और ज्ञान, अच्छे संस्कार और जीवन जीने के सही तरीके बताते हैं. आज शिक्षकों को समर्पित शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है. शिक्षक दिवस हर साल 5 सिंतबर को मनाया जाता है. इसके अलावा गुरु पूर्णिमा का पर्व भी शिक्षकों और गुरुजनों को समर्पित होता है. इन दोनों पर्व में क्या अंतर है आइये जानते हैं.
शिक्षक दिवस 2026
शिक्षक दिवस विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए बहुत ही खास होता है. यह पर्व देश के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है. उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था. वह एक शिक्षक थे. एक बार उन्हें जन्मदिन मनाने पर के लिए पूछने पर उन्होंने कहा कि, मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाय 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए. यह मेरे मेरे लिए सबसे बड़ा गर्व की बात होगी. साल 1962 से हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है.
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गुरु पूर्णिमा का महत्व
गुरु पूर्णिमा का पर्व शिक्षकों के साथ ही आध्यात्मिक गुरुओं को भी समर्पित है. इस दिन शैक्षणिक संस्थान के साथ ही मंदिरों और गुरुजनों के आश्रम में भी उत्सव होते हैं. गुरु पूर्णिमा का पर्व हर साल आषाढ़ माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है. साल 2026 में गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई को थी, अब 2027 में गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई है. बता दें कि, पंचांग और तिथियों के अनुसार, गुरु पूर्णिमा की तारीख में हर साल बदलाव होता है.
क्या है गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस में अंतर?
गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस को मनाने के कारणों में काफी अंतर है. शिक्षक दिवस का दिन शिक्षकों के प्रति सम्मान और समर्पण का दिन है. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सिर्फ विद्यार्थि ही नहीं सभी लोग अपने गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं. शिक्षक दिवस का दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है. ऐसे ही गुरु पूर्णिमा का पर्व आध्यात्मिक गुरु महर्षि वेदव्यास की जयंती पर मनाया जाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.