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Religion

Somnath Mandir: क्यों खास है सोमनाथ मंदिर? जानिए महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग का महत्व और इतिहास

Somnath Mandir: गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर का खास धार्मिक महत्व है. सोमनाथ मंदिर महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. यह मंदिर सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम माना गया है. आइये महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग के महत्व और इतिहास के बारे में जानते हैं.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: May 11, 2026 09:30
Somnath Mandir
Photo Credit- News24GFX

Somnath Mandir: गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर धार्मिक तौर पर बेहद खास है. यह मंदिर महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है. सोमनाथ मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में वेरावल में स्थित है. यह मंदिर वेरावल के पास प्रभास पाटन में है. पीएम मोदी आज सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर सोमनाथ अमृत महोत्सव पर यहां मौजूद रहेंगे. आज 11 तीर्थस्थलों के जल से मंदिर के शिखर पर कुंभाभिषेक किया जाएगा. सोमनाथ मंदिर अरब सागर के किनारे बना हुआ है. मंदिर धार्मिक तौर पर खास होने के साथ ही इस मंदिर का इतिहास भी संघर्ष भरा रहा है. सोमनाथ मंदिर का इतिहास कई बार विनाश और पुननिर्माण से जुड़ा है.

प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर का महत्व

महदाेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ मंदिर को प्रथम माना गया है. सोमनाथ मंदिर को धार्मिक ग्रंथों में प्रथम ज्योतिर्लिंग बताया गया है. मंदिर का खास धार्मिक महत्व है. सोमनाथ मंदिर में महादेव के दर्शन से पापों से मुक्ति मिलती है. इस मंदिर में दर्शन से रोगों से मुक्ति मिलती है ओर चंद्र दोष दूर होते हैं. सोमनाथ मंदिर को त्रिवेणी संगम यानी हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों के मिलन पर स्थित माना जाता है. अरब सागर में हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों का संगम होता है.

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किसने की थी सोमनाथ मंदिर की स्थापना?

सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर की स्थापना सोमराज यानी चंद्रदेव ने की थी. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब दक्ष प्रजापति के श्राप के कारण चंद्रदेव की कांति यानी सौंदर्य क्षीण हो गया तब उन्होंने श्राप से मुक्ति के लिए गुजरात के सौराष्ट्र में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी. शिव जी ने प्रसन्न होकर सोमराज को दर्शन दिये और सोमराज को श्रापमुक्त किया. इसके बाद यहां पर सोमनाथ मंदिर की स्थापना की गई.

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सोमनाथ मंदिर का इतिहास

सोमनाथ मंदिर का इतिहास बहुत ही संघर्ष भरा रहा है. मंदिर पर कई बार हमलों के बाद लूट लिया गया और हर बार मंदिर का पुननिर्माण हुआ. वर्तमान में मौजूद सोमनाथ मंदिर का पुननिर्माण 11 मई 1951 को संपन्न हुआ था. ऐसे में आज 11 मई को मंदिर निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और पौराणिक मान्याओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: May 11, 2026 09:29 AM

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