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Religion

Sheetla Ashtami 2026: आज है बसोड़ा पर्व और शीतला पूजन, भूल से भी न करें ये 7 गलतियां

Sheetla Ashtami 2026: आज बुधवार 11 मार्च, 2026 को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है. आज के दिन मां शीतला की पूजा की जाती है. देवी मां को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और परिवार को हर प्रकार के संक्रमण और बीमारियों से बचाने की प्रार्थना की जाती है. आइए जानते हैं, आज के दिन किन नियमों का पालन जरूरी है किन गलतियों को करने से बचना चाहिए.

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Written By: Shyamnandan Updated: Mar 11, 2026 06:52
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Sheetla Ashtami 2026: आज बुधवार, 11 मार्च 2026 को शीतला अष्टमी यानी बसोड़ा पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी पर्व मनाया जाता है.इस दिन माता शीतला की विशेष पूजा होती है. मान्यता है कि मां शीतला को बासी भोजन अर्पित करने से परिवार पर सभी तरह की बीमारियों और संक्रमण का प्रहार नहीं होता है. घर के सभी सदस्य मां से स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

शीतला अष्टमी के दिन कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी माना गया है, ताकि माता प्रसन्न रहें और घर परिवार में स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि बनी रहे. इस दिन पूजा में शुद्धता बनाए रखना आवश्यक है और भूल से भी कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिए. मान्यता है कि इन सावधानियों से इस पर्व का पुण्य और असर बढ़ जाता है.

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शीतला अष्टमी को वर्जित कार्य

अग्नि का प्रयोग न करें – इस दिन घर में चूल्हा, गैस या आग जलाना वर्जित है क्योंकि यह पर्व शीतलता का प्रतीक है.
बासी भोजन ग्रहण करें – ताज़ा भोजन नहीं बनाते, बल्कि एक दिन पहले तैयार किया हुआ भोजन (बसोड़ा) ही खाना चाहिए.
सफाई न करें – झाड़ू-पोछा लगाने से बचें, इसे माता का अपमान माना जाता है.
सिलाई-कढ़ाई न करें – सुई-धागे का काम, सिलाई, कटाई या पिसाई जैसी क्रियाएँ न करें.
गर्म स्नान से बचें – केवल ठंडे या सामान्य पानी से स्नान करना चाहिए.
तामसिक भोजन न लें – प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन वर्जित है.
बाल और नाखून न काटें – बाल काटने या सिर धोने से बचना चाहिए.

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मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से माता शीतला प्रसन्न रहती हैं और परिवार में रोगों से सुरक्षा होती है. इसके विपरीत, अनदेखी या नियमों का उल्लंघन करने पर माता शीतला नाराज हो सकती हैं, इसलिए सावधानी पूर्वक पूजा और आचार-विचार करना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 11, 2026 06:52 AM

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