Mangla Gauri Vrat 2026 Today: सावन महीने में मंगलवार के दिन मंगला गौरी व्रत रखा जाता है. 4 अगस्त को सावन महीने के पहले मंगलवार को पहला मंगला गौरी व्रत है. यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत ही खास होता है. सावन महीने में 11 अगस्त, 18 अगस्त और 25 अगस्त को कुल चाल मंगला गौरी व्रत पड़ रहे हैं. मंगला गौरी व्रत पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. आइये मंगला गौरी व्रत के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में जानते हैं.
मंगला गौरी व्रत शुभ मुहूर्त (Mangla Gauri Vrat Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त- 04:20 ए एम से 05:02 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:00 पी एम से 12:54 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:41 पी एम से 03:35 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 07:10 पी एम से 08:13 पी एम
अमृत काल- 07:30 पी एम से 09:06 पी एम
निशिता मुहूर्त- 12:06 ए एम से 12:48 ए एम, 05 अगस्त
मंगला गौरी व्रत पूजा विधि (Mangla Gauri Vrat Puja Vidhi)
मंगला गौरी व्रत पर सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर लकड़ी चौकी लगाएं. चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता पार्वती और शिव जी की प्रतिमा स्थापित करें. प्रतिमा के समक्ष दीपक और दीप जलाएं. चंदन, अक्षत, पुष्प आदि अर्पित करें. माता पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाएं. इससे वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. इसके साथ ही फल, मिठाई और खीर का भोग लगाएं. माता पार्वती की आरती कर पूजा संपन्न करें.
मंगला गौरी व्रत के लाभ (Mangla Gauri Vrat Benefits)
पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत करना शुभ और लाभकारी होता है. सुहागिन महिलाएं सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह व्रत करती हैं. इसके साथ ही कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत कर सकती हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.