---विज्ञापन---

Religion angle-right

Sankashti Chaturthi 2026: गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत आज, जानिए गणपति बप्पा की पूजन विधि और नियम

Gajanan Sankashti Chaturthi 2026: आज 2 अगस्त 2026 दिन रविवार को गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत है. आपको इस व्रत पर गणेश जी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. आइये गणेश जी की पूजा विधि और मुहूर्त के बारे में जानते हैं.

---विज्ञापन---

Sankashti Chaturthi 2026 Today: आज सावन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि है. ऐसे में आज गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत है. यह दिन गणेश जी की पूजा के लिए खास होता है. सावन महीने में शिव भक्ति के साथ ही आपको गणेश जी की पूजा कर उन्हें प्रसन्न करना चाहिए. गणपति बप्पा को प्रसन्न करने और जीवन से विघ्न दूर करने के लिए गणेश जी की पूजा करें. आइये गणेश जी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं.

गजानन संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- 04:19 ए एम से 05:01 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04:40 ए एम से 05:43 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:00 पी एम से 12:54 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 07:11 पी एम से 08:15 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग- 09:37 पी एम से 05:44 ए एम, 03 अगस्त
संकष्टी चतुर्थी पर चन्द्रोदय- 09:24 पी एम

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Sawan 2026: क्या है सावन में झूला झूलने की परंपरा के पीछे का इतिहास? जानिए इसका धार्मिक महत्व

गजानन संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि

गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत गणेश जी की पूजा के लिए बेहद खास होता है. सुबह उठने के बाद स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें. गणेश जी के समक्ष दीप और धूप जलाएं. गणपति बप्पा को चंदन, चावल, फूल और दुर्वा अर्पित करें. गणेश जी को मोदक और लड्डू अति प्रिय हैं. उन्हें मिठाई और फलों का भोग लगाएं. इसके साथ ही मंत्रों का जाप कर आरती कर पूजा संपन्न करें. संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ होता है. रात के समय चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को दूध, जल और सफेद फूल से अर्घ्य दें.

---विज्ञापन---

गणेश जी पूजा मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ,
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा.
ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि,
तन्नो दन्ती प्रचोदयात्.

आपको गणेश जी की पूजा में इन मंत्रों का जाप करना चाहिए. आप व्रत के दौरान क्रोध करने और किसी से विवाद करने से बचें. चंद्रमा की पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण करें. गणेश जी की पूजा में दूर्वा, लाल फूल और रोली का प्रयोग अवश्य करें. सात्विक भोजन करें. घर के सभी सदस्य प्याज-लहसुन और मांस-मदिरा से परहेज करें.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Hariyali Teej and Hartalika Teej 2026: हरियाली तीज से कितना अलग है हरतालिका तीज का पर्व, जानिए दोनों व्रत में अंतर

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

---विज्ञापन---

First published on: Aug 02, 2026 07:22 AM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola