Astrology Personality Traits: 'बोली' से पहचानें कुंडली का सबसे मजबूत ग्रह, ज्योतिष में छिपा है आपकी आवाज का राज

Astrology Personality Traits: ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, बोली से कुंडली का सबसे मजबूत ग्रह पहचाना जा सकता है. ज्योतिष में बुध, सूर्य, चंद्र, शुक्र और अन्य ग्रह वाणी को प्रभावित करते हैं. आइए जानते हैं, आवाज, लहजा और शब्दों का चयन किस प्रकार बताते हैं कि कौन-सा ग्रह हावी है?

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Zodiac Personality Traits: आप शायद यकीन नहीं करेंगे कि हम जो कहते हैं और बोलते हैं, वह सिर्फ जुबान या शब्दों का खेल नहीं है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह हमारी और आपकी कुंडली में बैठे ग्रहों की सीधी तस्वीर है. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, आवाज का उतार-चढ़ाव, लहजा, टोन और शब्दों के सेलेक्शन बता देते हैं कि कुंडली में कौन-सा सबसे शक्तिशाली है.

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आपको बता दें ज्योतिष शास्त्र में कि वाणी, विचार और बोली के कारक और नियंत्रक ग्रह बुध माने जाते हैं. वाणी पर बृहस्पति, सूर्य, चंद्रमा और शुक्र भी अपना गहरा प्रभाव डालते हैं. वहीं, मंगल, राहु और केतु भी अप्रत्याशित असर छोड़ते हैं.

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वाणी में मिठास

ज्योतिषाचार्य शांडिल्य के अनुसार, जिन व्यक्तियों की बोली काफी स्वीट, स्पष्ट और लॉजिकल होती है, अक्सर उन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह बेहद मजबूत स्थित में होते हैं. बुध के असर से ये लोग काफी हाजिरजवाब भी होते हैं. शायद आप ये बात नहीं जानते होंगे कि जब आप विनम्र होकर बात करते हैं, तो बुध मजबूत होने लगते हैं.

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ज्ञानियों की वाणी

ऐसे बहुत से लोगों से आप भी मिले होंगे, जो अक्सर सिद्धांत, सत्य, निष्ठा आदि की न केवल बात करते हैं, बल्कि पालन भी करते हैं. निश्चित रूप से ऐसे लोगों की कुंडली में बृहस्पति विशेष स्थिति में होते हैं. ऐसे लोगों के आवाज में एक गंभीरता होती है, जिस लोग गुरु की तरह श्रवण करते हैं. आपको बता दें, जो लोग हमेशा सच बोलते हैं, उनकी कुंडली में बृहस्पति मजबूत हो जाते हैं.

आवाज में रौब

जिनकी बोली में अधिकार, आत्मविश्वास या हल्का तीखापन होता है, उन लोगों की वाणी पर अक्सर सूर्य का अधिक प्रभाव होता हैं. ये लोग बेलाग बोलते हैं. ऐसा कुंडली में सूर्य के मजबूत होने से होता है. अक्सर ऐसे लोगों में लीडरशिप क्वालिटी होती है.

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मन को छूने वाली बोली

सहज, सौम्य और सरस यानी मन को छू जाने वाली बोली कुंडली मे चंद्रमा के बलवान होने का लक्षण है. ऐसे लोगों की भाषा में अपनापन और गहरी भावुकता झलकती है. जब ये बात करते है, सुनने वाले का तनाव अपने आप गायब हो जाता है.

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आवाज में आकर्षण

बहुत लोग काफी शालीन होकर बात करते हैं. उनकी बातों में कलात्मकता भी होती है. ऐसा शुक्र ग्रह के कारण होता है. यही कारण है कि जिनकी कुंडली में शुक्र मजबूत होते हैं, उनकी बोली ‘मिस्री की डली’ वाली होती है, जिससे लोग सम्मोहित भी हो जाते हैं. आपको बता दें, प्रेम और ससम्मान बात करने से शुक्र और भी मजबूत हो जाते हैं.

करेले-सी कड़वी बोली

जब कुंडली में राहु-मंगल-शनि के दोष होते हैं, ऐसे लोगों की बोली में अक्सर चीख-पुकार, अपशब्द या एक जहरीली कड़वाहट घुली होती है. वहीं, बोली में हकलाहट के बुध जिम्मेदार हैं और रहस्यपूर्ण बातें करने वाले लोग केतु के असर में होते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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