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Aaj ka Suvichar: नीम करोली बाबा ने बताया ईश्वर प्राप्ति का मार्ग, बस इन 5 बातों से कर लें तौबा

Aaj ka Suvichar: नीम करोली बाबा के अनुसार, मन का आईना तभी साफ होता है जब बुराइयों से दूर रहता है. बाबा कहते थे कि शुद्ध मन में ही ईश्वर का सच्चा अनुभव संभव होता है. आइए जानते हैं,ईश्वर प्राप्ति के लिए किन इन 5 बातों से दूरी रखनी चाहिए?

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Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा का एक कथन है- ‘Cleanse the mirror of your heart, and you will see God’. इसका अर्थ है- ‘अपने हृदय के आईने को साफ करो, तुम ईश्वर को देख लोगे.’ दरअसल बाबा का यह कथन सुनने में जितना सरल है, करने में उतनी ही गहरी साधना है, यह एक बेहद गहरा आध्यात्मिक संदेश देता है. बाबा कहते थे कि इंसान का मन एक दर्पण यानी आईने की तरह होता है. इस पर भी गंदगी और धूल जमा होती रहती है, जो रोजमर्रा की नफरत, जलन और अहं के रूप में होती है. यही आवरण मन-दर्पण को ढक लेता है, जो परमात्मा को देखने नहीं देता है. आइए महान हनुमान भक्त नीम करोली बाबा के इस सुविचार को समझते हैं कि किन 5 चीजों से तौबा करके हम ईश्वर का दर्शन कर सकते हैं?

अहंकार छोड़ें

नीम करोली बाबा ने अपने उपदेशों में कहा है कि ‘मैं’ यानी ‘अहम’ का भाव एक सबसे बड़ा पर्दा है, जो इंसान को ईश्वर से दूर रखता है. जब तक इंसान को लगता है कि वही सब कुछ कर रहा है, तब तक उसे ईश्वर के दर्शन नहीं होंगे. जिन लोगों के मन को साफ कर लिया यानी निर्मल हो गए, उन्हें ईश्वर का साक्षात दर्शन हुआ है. अहंकार हर काम में अपनी सेल्फी लेने जैसा है. बाबा कहते हैं, जब काम को कर्तव्य की तरह करेंगे, तो ही इससे बाहर निकल सकते हैं.

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क्रोध पर काबू

बाबा ने क्रोध यानी गुस्सा को महा-धूल कहा है, क्योंकि एक झटके में मन-दर्पण अंधकार में ढक लेता है. ईश्वर से मिलन के मार्ग को धुंधला कर देता है. बाबा ने अपने उपदेश में कहा है कि गुस्से में इंसान बुद्धि खो बैठता है. अच्छे-बुरे की समझ समाप्त हो जाती है. इसके लिए उन्होंने रास्ता बताया है कि जब भी गुस्सा आए, 2 घूंट पानी पिएं और पल भर को चुप रहें. बस यह एक छोटी सी आदत मन की निर्मलता को बचा लेगी.

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ईर्ष्या से बचें

इंसान दूसरों की तरक्की देखकर खुश होने की बजाय जल उठता है. नीम करोली बाबा ने समझाया है कि यह वह लड़ाई है, जो इंसान बाहर नहीं, अंदर ही अंदर खा जाती है. इसलिए नीम करोली बाबा ने इससे बचने का संदेश दिया है, क्योंकि ईर्ष्या कभी भी चैन से नहीं बैठने देती है. बाबा ने इसका इलाज यह बताया है कि इंसान को दूसरे की खुशी में शामिल होना सीखना चाहिए.

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लालच से दूरी

लालच को बुरी बला कहा गया है. लेकिन आपको बता दें कि नीम करोली बाबा ने कभी धन को बुरा नहीं कहा. वे बस ये कहते थे कि जरूरत और लालच के फर्क को समझो. उन्होंने धन इकट्ठा करने को गलत नहीं कहा, लेकिन इस सनक भरी आदत को वे दिमाग का रोग मानते थे. हिन्दू ग्रंथों में कहा गया है कि लालच इंसान को इतना अंधा कर देता है कि वह सही-गलत भूल जाता है. बाबा ने इससे बचने का उपाय यह बताया है कि बस अपनी जरूरत भर का खयाल रखो, बाकी बाकी चीजें लोगों को बांट दो.

द्वेष मत रखें

द्वेष यानी दूषित भावना मन की कड़वाहट है. बदले की भावना, नीचा दिखाने की चाहत, अपमानित करने का खयाल, ठीक उसी तरह है, जैसे नंगे पांव अंगारों पर चलना. नीम करोली बाबा ने एक बहुत अच्छी बात यह कही है कि द्वेष वह स्याही है जो हृदय-दर्पण को पूरी तरह काला कर देती है. इंसान इतना कलुषित हो जाता है उसे कुछ भी नहीं दिखता है. इससे बचने का उपाय है- क्षमा, अपना ही बोझ हल्का कर देता है, दूसरा है उपाय है- ईश्वर से प्रार्थना कि इन बुराइयों से दूर रखें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: May 12, 2026 03:24 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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