महाभारत का वो पांडव जिसने द्रौपदी को अर्जुन से भी ज्यादा किया प्रेम, मुश्किल वक्त में बना सबसे बड़ी ढाल

विराट नगर में अज्ञातवास के दौरान जब राजा विराट के साले कीचक ने द्रौपदी पर बुरी नजर डाली, तब द्रौपदी न्याय के लिए युधिष्ठिर और अर्जुन के पास गईं. लेकिन अज्ञातवास भंग होने के डर से युधिष्ठिर ने उन्हें धैर्य रखने और अपमान सहने की सलाह दी, जिससे द्रौपदी भीतर से टूट गईं.

Mahabharata

महाभारत की कथा में द्रौपदी और पांचों पांडवों के संबंधों को लेकर कई लोक कथाएं सामने आती रही हैं. स्वयंवर के बाद मां कुंती के मुंह से निकले एक कथन को पूरा करने के कारण द्रौपदी को पांचों भाइयों की पत्नी बनना पड़ा, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार भी किया. यह माना जाता है कि द्रौपदी अपने पांचों पतियों में सबसे अधिक प्रेम और लगाव अर्जुन से रखती थीं. लेकिन अगर इस दृष्टिकोण को उलटकर देखा जाए कि किस पांडव ने द्रौपदी को सबसे निश्छल, असीम और समर्पित प्रेम दिया, तो इतिहास का रुख महान धनुर्धर अर्जुन की ओर नहीं, बल्कि गदाधारी भीम की तरफ मुड़ जाता है.

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हमेशा द्रौपदी के लिए ढाल बने भीम


पूरी महाभारत में भीम ही एकमात्र ऐसे पांडव थे, जिन्होंने द्रौपदी के मान-सम्मान और उसकी खुशियों के लिए अपनी पूरी शक्ति झोंक दी. कुरुक्षेत्र के युद्ध की नींव वास्तव में उसी दिन पड़ गई थी जब जुए में युधिष्ठिर ने द्रौपदी को दांव पर लगा दिया था. जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था और अन्य पांडव धर्म और मर्यादा के बंधनों में बंधकर मूकदर्शक बने हुए थे, तब केवल भीम का क्रोध फूटा था. उन्होंने मर्यादा की सीमाएं लांघकर दुर्योधन और दुशासन के वध की प्रतिज्ञा ली, जिसे उन्होंने युद्धभूमि में पूरा भी किया.

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अज्ञातवास के दौरान लिया द्रौपदी के अपमान का बदला


विराट नगर में अज्ञातवास के दौरान जब राजा विराट के साले कीचक ने द्रौपदी पर बुरी नजर डाली, तब द्रौपदी न्याय के लिए युधिष्ठिर और अर्जुन के पास गईं. लेकिन अज्ञातवास भंग होने के डर से युधिष्ठिर ने उन्हें धैर्य रखने और अपमान सहने की सलाह दी, जिससे द्रौपदी भीतर से टूट गईं. ऐसे संकट के समय में भी सिर्फ भीम ही उनके काम आए. उन्होंने द्रौपदी के आंसुओं का प्रतिशोध लेने के लिए रात के अंधेरे में कीचक को एकांत में बुलाकर उसका वध कर दिया.

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द्रौपदी की इच्छा के लिए राक्षसों का किया सामना


भीम का प्रेम केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि वो द्रौपदी की हर छोटी-बड़ी इच्छा को पूरा करने के लिए सदैव तत्पर रहते थे. वनवास के दौरान जब द्रौपदी ने दुर्लभ सौगंधिका पुष्प की इच्छा जाहिर की तो भीम ने गंधमादन पर्वत की अत्यंत दुर्गम और खतरनाक यात्रा तय की. इस मार्ग में उन्होंने यक्षों और राक्षसों का मुकाबला किया, फिर भी द्रौपदी की इच्छा को अधूरा नहीं रहने दिया.

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‘महाप्रस्थानिक पर्व’ है भीम के प्रेम का जिक्र


इस निस्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा महाभारत के अंतिम अध्याय ‘महाप्रस्थानिक पर्व’ में दिखाई देती है. जब पांचों पांडव द्रौपदी के साथ सशरीर स्वर्ग की ओर जा रहे थे, तब हिमालय की चढ़ाई के दौरान द्रौपदी सबसे पहले लड़खड़ाकर गिर पड़ीं. उस समय अर्जुन और बाकी भाई बिना रुके आगे बढ़ते रहे, लेकिन केवल भीम ही थे जो द्रौपदी के गिरने पर बुरी तरह विचलित और शोकाकुल हो गए. उन्होंने युधिष्ठिर से द्रौपदी के पतन का कारण पूछा, जो यह दर्शाता है कि जीवन के अंतिम क्षण तक द्रौपदी की चिंता केवल भीम को थी.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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