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Neem Karoli Baba: याद रखें नीम करोली बाबा की चेतावनी, ये 3 आदतें लाती हैं जीवन में गरीबी

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा कहते थे कि पैसा कमाना जरूरी है, लेकिन उसे सही तरीके से खर्च करना और उसकी उपयोगिता समझना और भी महत्वपूर्ण है, तभी आर्थिक स्थिरता बनी रहती है. आइए जानते हैं, वो 3 आदतें क्या हैं, जो गरीबी लाती हैं?

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Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा अपने भक्तों के जीवन में सिर्फ आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही नहीं देते थे, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी और आर्थिक व्यवहार पर भी सीख देते थे. बाबा हमेशा कहते थे कि पैसा कमाना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे सही तरीके से खर्च करना और उसकी उपयोगिता समझना उससे भी ज्यादा जरूरी है. उनका उपदेश है कि धन केवल जरूरत के लिए इस्तेमाल किया जाए और दिखावा या अनावश्यक खर्च से दूर रहे. नीम करोली बाबा की ये सीख हमें आर्थिक स्थिरता और जीवन में शांति दोनों देती है. आइए जानते हैं, बाबा के उपदेश की वो 3 बातें, जो धन के सही इस्तेमाल को बताती हैं, जिसे न मानने से व्यक्ति कंगाल भी हो सकता है.

धन का दिखावा करना

नीम करोली बाबा कहते थे कि जो व्यक्ति धन का दिखावा करता है, उसके पास पैसा टिकता नहीं. बाबा के अनुसार, दिखावे के लिए खर्च करना इंसान को जरूरत से अधिक व्यय करने पर मजबूर करता है. बाबा बताते थे कि यह आदत धीरे-धीरे आर्थिक तंगी की ओर ले जाती है और जीवन में चिंता और तनाव बढ़ा देती है. इसलिए बाबा हमेशा सादगी और संतुलन की सीख देते थे.

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अनावश्यक खर्च की आदत

नीम करोली बाबा अपने भक्तों को बार-बार यह याद दिलाते थे कि पैसा केवल आवश्यक चीजों में खर्च करना चाहिए. बाबा कहते थे कि अनावश्यक खर्च जीवन में आर्थिक समस्याएं पैदा करता है और कमाई को खत्म कर देता है. नीम करोली बाबा का उपदेश है कि अपनी इच्छाओं पर काबू पाएं, तभी धन आपके लिए स्थिर और लाभकारी बनेगा.

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कमाई भी जितना ही महत्वपूर्ण

नीम करोली बाबा का कहना था कि सिर्फ कमाई करना पर्याप्त नहीं है. पैसा कमाना आसान है, लेकिन इसे सही ढंग से प्रबंधित करना और बचाना सीखना बेहद जरूरी है. बाबा कहते थे कि कमाई के बावजूद यदि बजट और बचत का ध्यान न रखा जाए, तो व्यक्ति जीवन भर आर्थिक तंगी से जूझता रहेगा. नीम करोली बाबा का उपदेश है कि वित्तीय अनुशासन आर्थिक स्वतंत्रता की कुंजी है.

समय रहते सुधार की जरूरत

नीम करोली बाबा बार-बार कहते थे कि भविष्य सुरक्षित करना हमारी वर्तमान आदतों पर निर्भर करता है. बाबा के अनुसार यदि समय रहते इन आदतों में सुधार किया जाए, तो जीवन में आर्थिक तंगी कभी नहीं आती. सजग रहना और सोच-समझकर खर्च करना ही सफलता और शांति की कुंजी है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Feb 12, 2026 09:42 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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