Samudrik Shastra: सामुद्रिक शास्त्र में शरीर के अंगों के आधार पर स्वभाव और भविष्य के संकेत बताए जाते हैं. इसी कड़ी में जीभ का रंग भी खास माना गया है. मान्यता है कि जीभ की बनावट और रंग से व्यक्ति के स्वभाव, करियर और स्वास्थ्य के बारे में संकेत मिलते हैं. आइए जानते हैं, जीभ का रंग जीवन में सफलता और सेहत के बारे में क्या बतलाता है और इनके बारे में आधुनिक नजरिया क्या कहता है?
काली या गहरे रंग की जीभ
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की जीभ का रंग काला या ज्यादा गहरा हो, तो उसे कार्यक्षेत्र में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे लोग एक जगह लंबे समय तक नौकरी नहीं कर पाते. उनके जीवन में स्थिरता कम रहती है. हालांकि चिकित्सा विज्ञान के अनुसार जीभ का काला पड़ना फंगल इंफेक्शन, दवाओं के असर या सफाई की कमी से भी जुड़ा हो सकता है. इसलिए ऐसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह जरूरी है.
जीभ पर कई रंग
अगर जीभ पर अलग अलग रंग दिखाई दें, तो सामुद्रिक शास्त्र इसे अशुभ संकेत मानता है. मान्यता है कि ऐसे लोग गलत संगत में पड़ सकते हैं. वे सामाजिक नियमों का उल्लंघन भी कर सकते हैं. चिकित्सकीय नजर से देखें तो जीभ पर धब्बे या कई रंग विटामिन की कमी या पाचन संबंधी समस्या का संकेत भी हो सकते हैं. इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं.
पीली जीभ का मतलब
पीलेपन वाली जीभ को भी अच्छा नहीं माना गया है. कहा जाता है कि जिन लोगों की जीभ पीली रहती है, उनकी सेहत अक्सर कमजोर रहती है. वे बार बार बीमार पड़ सकते हैं. डॉक्टरों के अनुसार जीभ का पीला होना पीलिया, पेट की गड़बड़ी या डिहाइड्रेशन से जुड़ा हो सकता है. ऐसे में जांच जरूरी है.
लालिमा और सामान्य आकार
जिनकी जीभ गुलाबी या हल्की लाल और आकार में सामान्य हो, उन्हें सामुद्रिक शास्त्र में शुभ माना गया है. ऐसे लोगों को जीवन में सफलता और सम्मान मिलता है. उनका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है. आधुनिक चिकित्सा भी स्वस्थ जीभ को हल्का गुलाबी मानती है. यह अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.