---विज्ञापन---

Religion

Mohini Ekadashi Vrat Katha: आज जरूर पढ़ें मोहिनी एकादशी व्रत की कथा, मिलेगा पूजा का पूर्ण फल!

Mohini Ekadashi Vrat Katha: आज 27 अप्रैल 2026 को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है, जो व्यक्ति को बुरे कर्मों के प्रभाव से मुक्त करने में मदद करता है. हालांकि, पूजा-पाठ के अलावा इस दिन मोहिनी एकादशी के व्रत की कथा पढ़ना भी जरूरी होता है, जिसके बाद ही उपासना का पूर्ण फल मिलता है. यहां पर आप मोहिनी एकादशी व्रत की कथा पढ़ सकते हैं.

Author
Written By: Nidhi Jain Updated: Apr 27, 2026 10:13
Mohini Ekadashi 2026 Vrat Ki Katha
Credit- Meta AI

Mohini Ekadashi 2026 Vrat Ki Katha: सनातन धर्म के लोगों के लिए मोहिनी एकादशी के दिन का खास महत्व है, जिसका व्रत हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार आज 27 अप्रैल 2026 को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है, जिसका पारण कल 28 अप्रैल 2026 को होगा. इस दिन विष्णु जी के मोहिनी स्वरूप की विशेष रूप से पूजा की जाती है. मान्यता है कि मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से विष्णु जी खुश होते हैं और भक्तों को परेशानियों से बचाते हैं.

हालांकि, मोहिनी एकादशी की पूजा तभी सफल होती है, जब व्यक्ति इस व्रत की कथा पढ़ता है. आइए अब जानें मोहिनी एकादशी व्रत की कथा के बारे में.

---विज्ञापन---

मोहिनी एकादशी व्रत की कथा (Mohini Ekadashi 2026 Vrat Katha)

काफी दयालु था धनपाल

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में सरस्वती नदी के किनारे भद्रावती नामक नगर स्थित था. यहां धनपाल नामक एक व्यक्ति रहता था, जो काफी धनी था. धनपाल लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता था. साथ ही काफी दान-पुण्य करता था. धनपाल के पांच बेटे थे, जिसमें से सबसे छोटा बेटा धृष्टबुद्धि घर के सभी सदस्यों से अलग था.

---विज्ञापन---

गलत संगत में फंस गया था धृष्टबुद्धि

धृष्टबुद्धि बहुत ही कम उम्र में गलत संगत में फंस गया था, जिसके कारण उसे गलत चीजों की लत लग गई थी. धृष्टबुद्धि को पैसों की कदर नहीं थी. वो दिल खोलकर पैसे उड़ाता था. जब ये बात पिता धनपाल को पता चली तो उन्होंने धृष्टबुद्धि को कई बार समझाया, लेकिन धृष्टबुद्धि नहीं माना.

धृष्टबुद्धि ने घर में किया हंगामा

एक दिन जब धृष्टबुद्धि ने घर में बहुत हंगामा किया तो उन्होंने उसे घर से निकाल दिया. घर से दूर धृष्टबुद्धि जब जंगल में रहने को मजबूर था तो उसे अपने कर्मों का पछतावा हुआ. एक दिन परेशान होकर धृष्टबुद्धि ऋषि कौंडिन्या के आश्रम में पहुंच गया. वहां ऋषि के चरणों में गिरकर धृष्टबुद्धि ने उन्हें पूरी बात बताई और कुछ उपाय बताने को कहा.

धृष्टबुद्धि पर ऋषि को आ गई दया

ऋषि को धृष्टबुद्धि को देख दया आ गई, जिसके बाद उन्होंने उसे मोहिनी एकादशी का व्रत रखने को कहा. उन्होंने धृष्टबुद्धि को बताया कि मोहिनी एकादशी का व्रत काफी प्रभावशाली है, जिसके सफल होने से सभी पाप नष्ट हो सकते हैं.

सच्चे मन से धृष्टबुद्धि ने रखा व्रत

धृष्टबुद्धि ने सच्चे मन और पूरी विधि से मोहिनी एकादशी का व्रत रखा, जिसके बाद उसका जीवन धीरे-धीरे बदलने लगा और वो खुशी से अपने परिवार वालों के साथ रहने लगा. कहा जाता है कि इसी के बाद से देशभर में मोहिनी एकादशी का व्रत रखने की परंपरा शुरू हो गई, जो आज तक जारी है.

ये भी पढ़ें- Navpancham Drishti: होने वाला है इन 4 राशियों का अच्छा समय शुरू, मंगल-यम बनाएंगे नवपंचम दृष्टि

ये भी पढ़ें- Baba Vanga Predictions: इन 4 राशियों के लिए न तो ज्यादा अच्छा और न ही ज्यादा बुरा रहेगा 2026, बाबा वेंगा की बड़ी भविष्यवाणी

ये भी पढ़ें- Shri Siddhilaxmi Stotram Lyrics: दुख-दर्द और दरिद्रता का होगा नाश! रोजाना पढ़ें श्री सिद्धिलक्ष्मी स्तोत्रम्, जानें लिरिक्स

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 27, 2026 10:13 AM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.