---विज्ञापन---

Religion angle-right

क्या आपके घर में भी लकड़ी का मंदिर? भूल से भी न करें ये गलतियां, रूठ जाएंगी मां लक्ष्मी

घर में लकड़ी का मंदिर रखने से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है, लेकिन इसके लिए वास्तु नियमों का पालन करना आवश्यक है। आइए जानते हैं कि यदि इन नियमों की अनदेखी की जाती है, तब घर, परिवार और जीवन पर क्या असर होता है?

---विज्ञापन---

आजकल घर में लकड़ी का मंदिर रखने का चलन काफी बढ़ गया है। यह न केवल देखने में आकर्षक लगता है बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन लेकर वास्तु शास्त्र के सिद्धांत बेहद स्पष्ट है कि यदि इसे सही दिशा और नियमों के अनुसार नहीं रखा जाए तो घर की सुख-शांति और समृद्धि प्रभावित हो सकती है। आइए जानते हैं कि घर में लकड़ी का मंदिर स्थापित करते समय वास्तु शास्त्र की किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?

लकड़ी का मंदिर और उसकी महत्ता

लकड़ी का मंदिर घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है। खासकर अगर यह सही प्रकार की लकड़ी से बना हो और उचित दिशा में रखा जाए तो घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शीशम या सागौन की लकड़ी से बना मंदिर सबसे शुभ माना जाता है। हालांकि, यह सुनिश्चित करें कि लकड़ी में दीमक न लगी हो, क्योंकि यह नकारात्मकता को जन्म दे सकती है।

---विज्ञापन---

ये भी पढे: क्या आपके नाम के शुरुआत में भी हैं ये 4 अक्षर? ऐसे लोगों जेब नहीं रहती है कभी खाली

लकड़ी के मंदिर की दिशा

लकड़ी का मंदिर हमेशा घर की पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है। इससे पूजा के समय व्यक्ति की पीठ पश्चिम दिशा में होती है, जो सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। अगर किसी कारणवश मंदिर को पूर्व दिशा में नहीं रखा जा सकता, तो उत्तर दिशा में भी इसे स्थापित किया जा सकता है। यह भी शुभ फल देने वाली दिशा मानी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है।

---विज्ञापन---

मंदिर में क्या करें और क्या न करें?

क्या करें:

  • साफ-सफाई: मंदिर को हमेशा स्वच्छ और सुगंधित बनाए रखें। गंदगी और अव्यवस्था देवी-देवताओं की कृपा को कम कर सकती है।
  • रंग और वस्त्र: मंदिर में मूर्तियों के नीचे लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाना शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
  • पूजा का समय: मंदिर में नियमित रूप से दीपक जलाएं और आरती करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

क्या न करें:

  • तिजोरी के पास न रखें: मंदिर को धन रखने की जगह के पास नहीं रखना चाहिए। यह वास्तु दोष उत्पन्न कर सकता है।
  • बेडरूम में मंदिर न रखें: अगर जगह की कमी के कारण बेडरूम में मंदिर रखना अनिवार्य हो, तो इसे पर्दे से ढककर रखें।
  • मूर्तियों की संख्या: मंदिर में बहुत अधिक मूर्तियां न रखें। अधिकतम 3 या 5 मूर्तियां होना ही उचित माना जाता है।

मंदिर स्थापना का शुभ समय

अगर आप अपने घर में लकड़ी का मंदिर स्थापित करना चाहते हैं, तो इसे सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार को ही करें। ये चारों दिन शुभ माने जाते हैं और इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। ये सभी जानते हैं कि घर में लकड़ी का मंदिर रखने से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है, लेकिन इसके लिए वास्तु नियमों का पालन करना आवश्यक है। सही दिशा, साफ-सफाई और नियमों के अनुसार पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने घर को शुभता से भर सकते हैं और देवी-देवताओं की कृपा पा सकते हैं।

ये भी पढ़ें: Vidur Niti: हर महिला को छिपानी चाहिए अपने पति से ये 5 बातें

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Mar 17, 2025 09:56 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola