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Masik Shivratri 2026 Today: आज वैशाख मासिक शिवरात्रि पर देर रात इस मुहूर्त में करें पूजा, जानिए व्रत विधि और महत्व

Masik Shivratri 2026 Today: मासिक शिवरात्रि का दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना को समर्पित होता है. कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है. आज 15 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि है. मासिक शिवरात्रि के साथ ही आज प्रदोष व्रत का संयोग भी बन रहा है.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: Apr 15, 2026 06:31
Vaishakh Masik Shivratri 2026
Photo Credit- News24GFX

Masik Shivratri 2026 Today: भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिए मासिक शिवरात्रि का दिन बेहद खास होता है. यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को रखा जाता है. पंचांग के अनुसार, आज त्रयोदशी तिथि है लेकिन रात को निशिता काल के समय चतुर्दशी तिथि प्राप्त हो रही है ऐसे में मासिक शिवरात्रि का व्रत आज यानी 15 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा. मासिक शिवरात्रि को शिव चतुर्दशी व्रत के नाम से भी जानते हैं. आज भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए आप इस व्रत को करें.

वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026 (Vaishakh Masik Shivratri 2026)

आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का व्रत रखा जा रहा है. वैशाख चतुर्दशी तिथि आज 15 अप्रैल दिन बुधवार की रात 10 बजकर 31 मिनट से लेकर अगले दिन 16 अप्रैल दिन गुरुवार की रात 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगी. निशिता काल को महत्व देते हुए द्रिक पंचांग के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का पर्व आज मनाया जाएगा. चलिए इस व्रत की विधि और मुहूर्त के बारे में जानते हैं.

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वैशाख मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त (Masik Shivratri Puja Muhurat)

मासिक शिवरात्रि पर पूजा के लिए निशिता काल मुहूर्त का महत्व होता है. शिव जी की पूजा के लिए यह मुहूर्त आज रात 11 बजकर 59 मिनट से लेकर 16 अप्रैल की रात्रि 12 बजकर 43 मिनट तक है. इस विशेष निशिता काल मुहूर्त में शिव जी की पूजा कर सकते हैं. आज इस व्रत की पूजा रात को जागकर की जाएगी. वैशाख मासिक शिवरात्रि की पूजा के लिए 44 मिनट का मुहूर्त प्राप्त हो रहा है.

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वैशाख मासिक शिवरात्रि व्रत विधि (Masik Shivratri Vrat Vidhi)

  • सुबह उठने के बाद स्नान कर हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत का संकल्प लें. आप निर्जला या फलाहार भोजन वाले व्रत का संकल्प ले सकते हैं.
  • व्रत करने वाले को सभी नियमों का ध्यान रखना चाहिए. खाने पीने के अलावा कई बातों का ध्यान रखें. झूठ न बोलें, विवाद न करें और मन में बुरे विचार न लाएं.
  • फूल, बिल्व पत्र, धतूरा, रोली, अक्षत, चंदन आदि सभी पूजा सामग्री को एकत्रित कर शिवलिंग पर शुद्ध जल से अभिषेक करें और विधि-विधान से पूजा करें.
  • पूजा के दौरान मन में ओम नम: शिवाय मंत्र का निरंतर जाप करें. भगवान को भोग अर्पित करें और आरती करने के बाद भोग को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 15, 2026 06:31 AM

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