---विज्ञापन---

Religion angle-right

Masik Durgashtami 2025: 27 या 28 दिसंबर, साल 2025 की आखिरी मासिक दुर्गाष्टमी कब है? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Masik Durgashtami 2025: साल 2025 का समापन देवी दुर्गा की भक्ति और शक्ति साधना के साथ होगा. आइए जानते हैं, पौष शुक्ल अष्टमी पर आने वाली साल की आखिरी मासिक दुर्गाष्टमी कब है- 27 या 28 दिसंबर, कौन-सी तिथि है सही, क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, जिससे पूर्ण फल प्राप्त हो सके?

---विज्ञापन---

Masik Durgashtami 2025: साल 2025 का समापन भक्ति और शक्ति की साधना के साथ होने वाला है. पौष मास की शुक्ल अष्टमी पर वर्ष की अंतिम मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी. यह दिन देवी दुर्गा की उपासना, व्रत और साधना के लिए बहुत विशेष माना जाता है. सही तिथि, शुभ समय और सरल पूजा विधि जानकर भक्त इस दिन का पूरा लाभ ले सकते हैं. आइए जानते हैं, साल 2025 की आखिरी मासिक दुर्गाष्टमी कब है, इसका सही डेट, महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है?

मासिक दुर्गाष्टमी का अर्थ

हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है. यह तिथि शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा को समर्पित रहती है. मान्यता अनुसार इस दिन पूजा से भय, नकारात्मकता और बाधा दूर होती है. साधक आत्मबल, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करता है.

---विज्ञापन---

27 या 28 दिसंबर, सही तिथि क्या है?

दिसंबर 2025 में पौष मास की शुक्ल अष्टमी तिथि 27 दिसंबर को दोपहर 01:09 PM बजे शुरू होकर 28 दिसंबर को सुबह 11:59 AM बजे समाप्त हो रही है. सनातन परंपरा में उदयातिथि को मान्यता दी गई है. इस कारण मुख्य व्रत और पूजा 28 दिसंबर 2025, रविवार को होगी. यही दिन साल 2025 की अंतिम मासिक दुर्गाष्टमी का माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें: Neem Karoli Baba: नीम करौली बाबा की चेतावनी, ये 3 लोग कभी अमीर नहीं बनते, जानें वजह

---विज्ञापन---

शुभ योग और मुहूर्त

इस दुर्गाष्टमी पर कई श्रेष्ठ संयोग बनते दिखाई देते हैं.

– सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 07:13 AM से 08:43 AM तक
– रवि योग: 08:43 से AM अगले दिन 06:37 AM तक

---विज्ञापन---

पूजा के लिए उत्तम समय इस प्रकार है:

– ब्रह्म मुहूर्त: 05:23 AM से 06:18 AM तक
– अभिजित मुहूर्त: 12:02 PM से 12:43 PM तक
– विजय मुहूर्त: 02:06 PM से 02:47 PM तक

---विज्ञापन---

मान्यता है कि इन समयों में की गई साधना शीघ्र फल देती है.

मासिक दुर्गाष्टमी की सरल पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.
स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र धारण करें.
घर के मंदिर की सफाई कर शांत मन से संकल्प लें.
चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर देवी दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
माता जी पर गंगाजल छिडकें.
लाल चुनरी, फूल, अक्षत और सिंदूर अर्पित करें.
घी का दीपक जलाकर धूप दिखाएं.
भोग में हलवा, पूरी, फल या नारियल अर्पित करें.
इसके बाद दुर्गा चालीसा का पाठ करें या ओम दुम दुर्गाय नमः मंत्र का जप करें.
अंत में कपूर से आरती कर परिवार और समाज की मंगल कामना करें.

---विज्ञापन---

साल की आखिरी दुर्गाष्टमी के लाभ

ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते है कि वर्ष की अंतिम मासिक दुर्गाष्टमी आत्मचिंतन का अवसर देती है. भक्त बीते समय की भूल के लिए क्षमा याचना करता है और नए वर्ष के लिए शक्ति व सद्बुद्धि मांगता है. कन्या पूजन, अन्न दान और जरूरतमंद की सहायता से पुण्य में वृद्धि होती है. इस प्रकार यह दिन साधना, सेवा और संकल्प का सुंदर संगम बन जाता है.

यह भी पढ़ें: Year Ender 2025: साल 2025 में चंद्रमा ने 522 बार बदली अपनी चाल, जानिए सभी 9 ग्रहों के गोचर का लेखा-जोखा

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Dec 19, 2025 08:14 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola