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Neem Karoli Baba: नीम करौली बाबा की चेतावनी, ये 3 लोग कभी अमीर नहीं बनते, जानें वजह

Neem Karoli Baba: नीम करौली बाबा मानते थे कि धन साधन है, लक्ष्य नहीं. गलत सोच, अहंकार और कृतघ्नता वाले लोग धन कमा तो लेते हैं, पर वह टिकता नहीं. आइए जानते हैं, किन 3 प्रकार के लोगों के हाथों में कभी धन क्यों नहीं टिकता है?

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Neem Karoli Baba: हनुमान जी के अवतार माने जाने वाले महान संत नीम करोली बाबा ने जीवन को बहुत सरल और सार्थक दृष्टि से देखा. उनके अनुसार धन जीवन का साधन है, साध्य नहीं. बाबा कहते थे कि धन कमाना गलत नहीं है, पर उसका सही उपयोग ही असली समझदारी है. यदि सोच और कर्म सही न हों, तो धन आता तो है, पर टिकता नहीं. उनकी सीख आज के समय में भी उतनी ही उपयोगी है. आइए जानते हैं, किन लोगों के हाथ में कभी धन क्यों नहीं टिकता है?

धन और कर्म का संबंध

नीम करोली बाबा मानते थे कि धन सीधे हमारे कर्मों से जुड़ा है. जैसे कर्म होंगे, वैसा ही फल मिलेगा. ईमानदारी, सेवा और संयम से कमाया धन जीवन में शांति लाता है. वहीं गलत आदतें धन को फिसलती रेत की तरह हाथ से निकाल देती हैं.

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सुख के लोभ में फंसे लोग

जो लोग केवल भोग और दिखावे को जीवन का लक्ष्य बना लेते हैं, वे धन को बेकार चीजों में खर्च करते हैं. महंगे शौक, अनावश्यक खरीदारी और दिखावा उनकी आदत बन जाती है. ऐसे लोगों के पास धन आता जरूर है, पर वह टिक नहीं पाता. बाबा कहते थे कि असली सुख सादगी और संतोष में है.

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लोभ क्यों बनता है बाधा?

लोभ मन को कभी शांत नहीं रहने देता. इच्छाएं पूरी होते ही नई इच्छा जन्म ले लेती है. इस दौड़ में इंसान धन का सही मूल्य भूल जाता है. नीम करोली बाबा के अनुसार संयम ही समृद्धि की कुंजी है.

बेईमानी से कमाया धन

बाबा ने साफ कहा कि धोखे, छल या अन्याय से कमाया गया धन कभी स्थायी नहीं होता. वह कुछ समय चमक दिखाता है, फिर संकट बनकर लौटता है. ऐसा धन व्यक्ति और परिवार दोनों के लिए दुख लाता है. ईमानदारी से की गई मेहनत ही सच्चा धन देती है.

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धन का गलत उपयोग

जो लोग धन को व्यसन, फिजूलखर्ची और दिखावे में उड़ाते हैं, उनकी तिजोरी खाली ही रहती है. बाबा सिखाते थे कि धन का उपयोग जरूरत, सेवा और दान में होना चाहिए. सही जगह लगाया गया धन बढ़ता है और सुख देता है.

बाबा की अनमोल सीख

नीम करोली बाबा की सलाह बहुत स्पष्ट है. लोभ से बचें, ईमानदारी अपनाएं और खर्च में संयम रखें. सेवा और दान को जीवन का हिस्सा बनाएं. जब धन अच्छे कर्मों के साथ जुड़ता है, तब वह कभी साथ नहीं छोड़ता और जीवन को सच्ची समृद्धि देता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Dec 19, 2025 03:31 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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