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Lord Shiva Puja Rules: भगवान भोलेनाथ की पूजा से जुड़ी ये 5 गलतियों पड़ सकती हैं भारी, जानें शिव पूजा के जरूरी नियम

Lord Shiva Puja Rules: शिव पूजा सरल होती है, लेकिन नियमों की अनदेखी से भक्ति का फल प्रभावित भी होता है. घर में शिव प्रतिमा की दिशा, स्वरूप, जल अर्पण और पूजन सामग्री से जुडी कुछ भूलें मानसिक अशांति और बाधा का कारण बनती है. आइए जानते हैं, ऐसी 5 गलतियां कौन-सी हैं, जो शिव कृपा रोक देती है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Jan 19, 2026 12:26
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Lord Shiva Puja Rules: हिन्दू धर्म में भगवान भोलेनाथ की पूजा सबसे सरल मानी जाती है, लेकिन यह भी सच है कि शास्त्रों में बताए गए नियमों की अनदेखी करने पर पूजा का फल प्रभावित हो सकता है. कई बार श्रद्धालु अनजाने में कुछ ऐसी बातें कर देते है, जो शिव भक्ति में बाधा बन जाती है. खासकर घर में शिवजी की पूजा करते समय दिशा, प्रतिमा, जल अर्पण और पूजन सामग्री को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी होती है. आइए जानते हैं, शिव पूजा से जुड़ी ऐसी 5 सामान्य भूलें क्या हैं, जिनसे बचना आवश्यक माना गया है?

शिव प्रतिमा की सही दिशा

मान्यता के अनुसार भगवान शिव का वास कैलाश पर्वत पर है, जो उत्तर दिशा में स्थित है. इसलिए घर में शिवजी की मूर्ति या तस्वीर उत्तर दिशा की ओर स्थापित करना श्रेष्ठ माना गया है. इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन को शांति मिलती है. दक्षिण दिशा में शिव प्रतिमा लगाने से पूजा का प्रभाव कम हो सकता है.

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क्रोध मुद्रा वाली तस्वीर से परहेज

घर में भगवान शिव की उग्र या क्रोध मुद्रा वाली तस्वीर लगाना शुभ संकेत न माना जाता है. ऐसी छवि तांडव और संहार का भाव दर्शाती है. इससे बिना कारण चिड़चिड़ापन, तनाव और मन की अशांति बढ़ने की मान्यता है. गृहस्थ जीवन के लिए शिव परिवार के साथ वाली तस्वीर अधिक कल्याणकारी मानी जाती है, जिसमें माता पार्वती और पुत्र गणेश, कार्तिकेय उपस्थित रहते हैं. यह चित्र सुख, संतुलन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है.

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पूजा स्थल की स्वच्छता

शिवजी को स्वच्छता बेहद प्रिय है. जिस स्थान पर शिव प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित हो, वहां गंदगी या अव्यवस्था नहीं रखनी चाहिए. रोज साफ सफाई करना और पूजा से पहले स्थान को पवित्र रखना आवश्यक माना गया है. अशुद्ध स्थान पर की गई पूजा का फल कम बताया जाता है.

रात्रि में जल अर्पण की सावधानी

शिवलिंग पर रात के समय गंगा जल या ठंडा जल सीधे अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है. शास्त्रों के अनुसार यह शिव तत्व को प्रभावित कर सकता है. मान्यता है कि इससे रोग, थकान या ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है. यदि किसी कारण जल चढ़ाना आवश्यक हो, तो थोड़ी दूरी से अर्पण करना उचित माना गया है.

वर्जित पूजन सामग्री

शिव पूजा में कुछ वस्तुएं अर्पित करना वर्जित बताया गया है. शिवलिंग पर सिंदूर, हल्दी, तुलसी, टूटे चावल, शंख से जल, केतकी, चम्पा या केवड़ा के फूल न चढाए. इसके स्थान पर बेलपत्र, सफेद फूल और धतूरा जैसे पदार्थ अधिक प्रिय माने जाते है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 19, 2026 12:26 PM

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