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Numerology Remedies: मूलांक 1 वाले नहीं पहन सकते माणिक? गुलाबी धागे में पहनें यह पवित्र जड़; मिलेगा प्रमोशन, सक्सेस और धन

Numerology Remedies: अंक ज्योतिष में सूर्य से जुड़े मूलांक 1 के लिए माणिक शुभ माना गया है, पर यदि यह धारण न कर सकें तो क्या विकल्प है? इस शास्त्र की मान्यता है कि गुलाबी धागे में बेल या मातुलिंग की पवित्र जड़ पहनना भी करियर में प्रमोशन, सफलता और धन के योग बना सकता है.

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Numerology Remedies: अंक ज्योतिष में हर मूलांक का संबंध किसी न किसी ग्रह से माना जाता है. मूलांक 1 के स्वामी सूर्य है, इसलिए इसके लिए माणिक रत्न को शुभ माना जाता है. लेकिन यदि कोई व्यक्ति, महंगा होने या किसी भी कारण से, माणिक धारण नहीं कर सकते हैं, तो अंक ज्योतिष में कुछ वैकल्पिक उपाय भी बताए गए हैं. इनमें बेल या मातुलिंग की जड़ को गुलाबी धागे में पहनना प्रभावशाली उपाय माना गया है.

मूलांक 1 वालों के लिए खास उपाय

अंक ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 1 होता है. इस अंक के स्वामी ग्रह सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रतिष्ठा के कारक हैं. अंक ज्योतिष मान्यता के अनुसार यदि सूर्य मजबूत हो तो व्यक्ति को करियर में सम्मान, पद और सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है. इसलिए मूलांक 1 के लोगों को सूर्य से जुड़े उपाय करने की सलाह दी जाती है.

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माणिक रत्न क्यों माना जाता है शुभ

मूलांक 1 के लिए माणिक रत्न सबसे प्रमुख माना जाता है. माणिक का संबंध सूर्य ग्रह से है. अंक ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इसे धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ सकता है. साथ ही व्यक्ति की निर्णय क्षमता मजबूत होती है. कई मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि माणिक करियर में उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने में सहायक हो सकता है.

जब माणिक पहनना संभव न हो

हर व्यक्ति महंगा रत्न धारण नहीं कर पाता. कुछ लोग व्यक्तिगत या स्वास्थ्य कारणों से भी रत्न नहीं पहनते. ऐसी स्थिति में ज्योतिष में कुछ प्राकृतिक विकल्प बताए गए हैं. इनमें बेल के पेड़ की जड़ और मातुलिंग की जड़ को प्रभावशाली उपाय माना जाता है. इन जड़ों को सूर्य ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है.

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बेल की जड़ धारण करने की विधि

ज्योतिष मान्यता के अनुसार बेल की जड़ को गुलाबी या लाल धागे में बांधकर धारण किया जा सकता है. इसे रविवार के दिन सूर्योदय के समय पहनना शुभ माना जाता है. धारण करने से पहले जड़ को गंगाजल या गाय के दूध से शुद्ध किया जाता है. इसके बाद सूर्य देव का ध्यान किया जाता है. इसे गले में ताबीज की तरह पहन सकते हैं या दाहिनी बाजू पर बांधा जा सकता है.

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मातुलिंग जड़ भी मानी जाती है प्रभावशाली

मातुलिंग को कई जगह बिजौरा नींबू या सिट्रोन के नाम से भी जाना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में इसकी जड़ को सूर्य से जुड़ी ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इसे धारण करने से कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ सकता है और प्रमोशन के अवसर बन सकते हैं. कुछ ज्योतिष मान्यताओं में इसे आर्थिक बाधाएं दूर करने वाला उपाय भी बताया गया है.

धारण करते समय रखें ये सावधानी

ज्योतिष के अनुसार जड़ को पहनने से पहले शुद्धिकरण करना जरूरी माना जाता है. गंगाजल से धोकर सूर्य मंत्र “ॐ सूर्याय नमः” का जाप करने की सलाह दी जाती है. इसे गुलाबी या लाल धागे में बांधकर ताबीज में पहनना शुभ माना जाता है. रविवार का दिन सूर्य से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस दिन इसे धारण करना बेहतर बताया जाता है.

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मूलांक 1 के लिए अन्य सरल उपाय

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मूलांक 1 के लोग यदि रोज सुबह सूर्य को जल अर्पित करें तो इसे शुभ माना जाता है. रविवार का दिन इनके लिए भाग्यशाली माना जाता है. इस दिन लाल, पीले या सुनहरे रंग के कपड़े पहनना भी शुभ बताया जाता है. इन उपायों को अपनाने से आत्मविश्वास मजबूत होने और जीवन में सफलता के अवसर बढ़ने की मान्यता है.

यह भी पढ़ें: Lucky Gemstones: ये 6 रत्न दूर करते हैं तनाव, पहनते ही मन होता है शांत, करियर-कारोबार में मिलती है सफलता और धन

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 05, 2026 03:51 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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