---विज्ञापन---

ज्योतिष angle-right

Gemstone Wearing Rules: रत्नशास्त्र के अनुसार कौन-से रत्न एक साथ पहनना है नुकसानदेह, जानें ज्योतिषीय नियम

Gemstone Wearing Rules: रत्न ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करते हैं, लेकिन गलत रत्नों का संयोजन नुकसान भी दे सकता है. आइए जानते हैं, किस रत्न के साथ कौन से रत्न साथ पहनने से समस्याएं बढ़ सकती हैं और रत्न पहनने के ज्योतिषीय नियम क्या हैं?

---विज्ञापन---

Gemstone Wearing Rules: रत्न शास्त्र में ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने के लिए रत्न पहनने की परंपरा बहुत पुरानी मानी जाती है. माना जाता है कि सही रत्न जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता ला सकते हैं. लेकिन ज्योतिष के अनुसार, कुछ रत्न ऐसे भी हैं जिन्हें एक साथ पहनना नुकसानदेह हो सकता है. गलत संयोजन से लाभ की जगह परेशानी बढ़ सकती है. इसलिए रत्न पहनने से पहले इनके नियम जानना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं, किस रत्न को किसके साथ नहीं धारण करना चाहिए और रत्न पहनने का ज्योतिषीय नियम क्या हैं?

रत्न क्यों देते हैं असर

हर रत्न किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है. जब कोई व्यक्ति रत्न धारण करता है, तो उस ग्रह की ऊर्जा शरीर और मन पर प्रभाव डालती है. मित्र ग्रहों के रत्न साथ पहनने से लाभ बढ़ता है, जबकि शत्रु ग्रहों के रत्न साथ हों तो टकराव की स्थिति बन सकती है.

---विज्ञापन---

माणिक्य के साथ किन रत्नों से बचें

माणिक्य सूर्य का रत्न माना जाता है. यह आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाता है. ज्योतिष के अनुसार, माणिक्य को नीलम, हीरा, गोमेद और लहसुनिया के साथ पहनने से बचना चाहिए. यह संयोजन मानसिक तनाव और काम में रुकावट पैदा कर सकता है.

मूंगा पहनते समय सावधानी

मूंगा मंगल का रत्न है और साहस का प्रतीक माना जाता है. इसे पन्ना, हीरा, नीलम, गोमेद और लहसुनिया के साथ पहनना ठीक नहीं माना जाता. ऐसे संयोजन से क्रोध बढ़ सकता है और ऊर्जा असंतुलित हो सकती है.

---विज्ञापन---

मोती और मानसिक प्रभाव

मोती चंद्र ग्रह का रत्न है. यह मन को शांति देता है. लेकिन मोती को पन्ना, हीरा, गोमेद और लहसुनिया के साथ पहनने से मानसिक उलझन और निर्णय में भ्रम की स्थिति बन सकती है.

यह भी पढ़ें: Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा ने अपने उपदेशों में बताए हैं अमीर बनने के गुप्त मंत्र, अपनाएं और देखें चमत्कार

---विज्ञापन---

पन्ना किन रत्नों से टकराता है

पन्ना बुध ग्रह से जुड़ा होता है और बुद्धि व व्यापार के लिए पहना जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, पन्ना को पुखराज, मूंगा और मोती के साथ पहनने से आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है.

हीरा और उसका सही संयोजन

हीरा शुक्र ग्रह का रत्न है. यह सुख और वैभव से जुड़ा है. माणिक्य, मोती, मूंगा और पुखराज के साथ हीरा पहनना आर्थिक नुकसान और पारिवारिक तनाव का कारण बन सकता है.

---विज्ञापन---

पुखराज, गोमेद और नीलम

पुखराज गुरु का रत्न है. इसे हीरा, पन्ना, नीलम और गोमेद के साथ पहनना शुभ नहीं माना जाता. वहीं गोमेद को मूंगा, माणिक्य, मोती और पुखराज के साथ पहनने से मन अस्थिर रह सकता है. नीलम शनि का रत्न है और इसे अक्सर अकेले पहनने की सलाह दी जाती है.

ये है रत्न पहनने का ज्योतिषीय नियम

रत्न पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेना जरूरी होता है, क्योंकि कुंडली देखकर ही यह तय किया जाता है कि कौन सा रत्न आपके लिए लाभकारी रहेगा. हर व्यक्ति की ग्रह स्थिति अलग होती है, इसलिए जरूरी नहीं कि जो रत्न एक व्यक्ति के लिए शुभ हो, वही दूसरे के लिए भी असरदार हो.

---विज्ञापन---
  • रत्न हमेशा शुभ दिन और उचित मुहूर्त में ही धारण करना चाहिए, जिससे उसका सकारात्मक प्रभाव जल्दी दिखाई दे.
  • ज्योतिष में शुक्ल पक्ष को रत्न पहनने के लिए अधिक शुभ समय माना जाता है.
  • रत्न की शुद्धता बहुत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए टूटा, दरार वाला या दोषयुक्त रत्न कभी नहीं पहनना चाहिए.
  • माना जाता है कि अशुद्ध या खराब रत्न अपने पूरे ज्योतिषीय प्रभाव नहीं दे पाते.
  • रत्न जिस धातु में जड़ा जाता है, उसका सही होना भी जरूरी होता है, क्योंकि हर रत्न के लिए अलग धातु शुभ मानी जाती है.
  • कुछ रत्न सोने में और कुछ चांदी में बेहतर फल देते हैं, गलत धातु में पहनने से लाभ कम हो सकता है.
  • रत्न हमेशा सही उंगली में ही पहनना चाहिए, क्योंकि हर उंगली का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है.
  • अनामिका, मध्यमा या तर्जनी में रत्न पहनने का चुनाव कुंडली में ग्रहों की स्थिति देखकर किया जाता है.
  • रत्न धारण करने से पहले उसे मंत्रों द्वारा अभिमंत्रित कराना शुभ माना जाता है.
  • रत्न इस तरह पहनना चाहिए कि वह सीधे त्वचा को स्पर्श करे, जिससे उसकी ऊर्जा शरीर पर सही तरीके से असर डाले.

यह भी पढ़ें: Numerology Personality Traits: इस मूलांक के लोग बेईमानी और दिखावे से करते हैं नफरत, होते हैं सच्चे देशभक्त; इनमें कहीं आप भी तो नहीं

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

---विज्ञापन---
First published on: Jan 19, 2026 12:16 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola