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Laxmi Jayanti 2026: होलिका दहन या होली, किस दिन है लक्ष्मी जयंती? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Laxmi Jayanti 2026: प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को लक्ष्मी जयंती मनाई जाती है. हालांकि, इस बार लक्ष्मी जयंती की तिथि को लेकर लोगों के मन में असमंजस बना हुआ है. चलिए द्रिक पंचांग के जरिए जानते हैं कि 3 मार्च को होलिका दहन के दिन या 4 मार्च को होली पर, किस दिन लक्ष्मी जयंती मनाई जाएगी. साथ ही आपको माता रानी की पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में पता चलेगा.

Laxmi Jayanti 2026: माता लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है, जिनकी कृपा से बड़े से बड़े संकट को टाला जा सकता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, जिसके बाद उन्होंने संसार को ऐश्वर्य और समृद्धि का आशीर्वाद दिया था. इसी वजह से हर साल इसी तिथि पर उनके जन्मदिन के रूप में लक्ष्मी जयंती मनाई जाती है.

माना जाता है कि इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है. चलिए अब जानते हैं लक्ष्मी जयंती की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में.

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2026 में कब है लक्ष्मी जयंती?

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 2 मार्च 2026 की शाम 5 बजकर 55 मिनट पर हो रहा है, जबकि समापन अगले दिन 3 मार्च की शाम 5 बजकर 07 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार, इस बार 3 मार्च 2026, वार मंगलवार को लक्ष्मी जयंती मनाई जाएगी.

बता दें कि साल 2026 में 3 मार्च को होलिका दहन होगा, जबकि 4 मार्च को होली मनाई जाएगी. इसके अलावा 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण भी लगेगा, जिसका सूतक काल मान्य होगा. साथ ही ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा और मानव जीवन को प्रभावित करेगा.

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ये भी पढ़ें- Chandra Grahan: 3 मार्च को लगेगा साल 2026 का पहला ‘चंद्र ग्रहण’, जानें दिल्ली-नोएडा समेत अन्य शहरों में कितने बजे दिखेगा Lunar Eclipse

लक्ष्मी जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • सूर्योदय- सुबह 05:35
  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:13 से सुबह 06:01
  • अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:02 से सुबह 11:49
  • सायाह्न सन्ध्या- शाम 5:16 से शाम 6:30

लक्ष्मी जयंती की पूजा विधि

  • लक्ष्मी जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कार्य करने के बाद शुद्ध पीले रंग के कपड़े धारण करें.
  • मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं.
  • माता रानी को लाल रंग के फूल, इत्र, फल, वस्त्र और श्रृंगार का सामान अर्पित करें.
  • लक्ष्मी मंत्र, लक्ष्मी चालीसा और श्री सुक्त का पाठ करें.
  • आरती करके पूजा का समापन करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Feb 28, 2026 12:37 PM

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Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. पिछले 3 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रही हैं. न्यूज 24 से जुड़ने से पहले निधि जैन दिल्ली प्रेस संस्थान में कार्यरत थीं. निधि ने Guru Jambheshwar University, Hisar Haryana से BJMC (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की है.

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