Vastu Tips: हमारे आसपास होने वाली घटनाओं से कई शुभ-अशुभ संकेत मिलते हैं. इसी प्रकार घर में कबूतरों का आना या घर की बालकनी में घोंसला बना लेना कई संकेत करता है. बालकनी में, छत पर या घर की खिड़की पर कबूतर आकर बैठ जाते हैं, तो यह वास्तु के अनुसार अलग-अलग संकेत देता है. बता दें कि, घर में कबूतरों के आने के बारे में वास्तु के साथ ही नारद संहिता में भी बताया गया है.
कैसा होता है कबूतर का आगमन?
लक्ष्मी आगमन का संकेत – नारद संहिता में कबूतर को सुख, शांति और देवी लक्ष्मी का प्रतिनिधि करने वाला पक्षी मानते हैं. अगर कबूतर घर की बालकनी में या छत पर आकर शांत बैठकर दाना चुगता है, तो यह शुभ संकेत होता है. यह लक्ष्मी आगमन का संकेत माना जाता है.
तंगी दूर होने के संकेत – अगर सुबह के समय प्रथम प्रहर में घर के बाहर कबूतर आकर बैठ जाता है. कबूतर की गुटरगूं की आवाज सुनाई देती है, तो यह जीवन में चल रही आर्थिक तंगी की परेशानी के दूर होने का संकेत होता है.
नकारात्मक शक्तियों का नाश – घर में कबूतर और पक्षियों का बार-बार आना और जाना अटके हुए कामों को पूरे होने की ओर इशारा करता है. यह जीवन से नकारात्मकता के खत्म होने की ओर इशारा करता है.
कैसा होता है घर में घोंसला बनाना?
घर में कबूतर के आने, कबूतर की आवाज आने और इसकी आवाजाही होने के अलावा इसके घर में घोंसला बनाने से अलग संकेत मिलते हैं. बता दें कि, कबूतर का घर में स्थायी ठिकाना बना लेना वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता है. यह आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है. यह जीवन में दरिद्रता और मानसिक अशांति का कारण बनता है. वास्तु के अनुसार घर में घोंसला होने से गंदगी बढ़ती है. घर के कोने में तिनकों और गंदगी के होने से इसका नकारात्मक प्रभाव होता है.
आपके घर में किसी स्थान पर कबूतर ने घोंसला बना लिया है और घोंसले के अंदर अंडे हैं. ऐसे में इसे तोड़ने की बजाय अंडे से बच्चे निकलने और इनके उड़ जाने का इंतजार करें. वरना आपके ऊपर जीव हत्या का पाप लगेगा. घोंसला खाली होने के बाद इसे हटा दें. इसके बाद इस स्थान पर कबूतरों के आने का रास्ता बंद कर दें. वरना भविष्य में वह फिर से यहां घोंसला बना सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.