---विज्ञापन---

Religion angle-right

Kundali Pitru Dosha: जन्म कुंडली के ये संकेत हैं पितृ दोष के लक्षण, जानें कैसे करें पहचान और उपाय

Kundali Pitru Dosha: मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही, शादी या संतान में बाधा आ रही है, तो ज्योतिष में इसे पितृ दोष से जोड़ा जाता है. आइए जानते हैं, कुंडली में इसके प्रमुख संकेत, पहचान और पारंपरिक उपाय.

---खबर नीचे जारी है---

Kundali Pitru Dosha: अगर आपकी पूरी मेहनत के बाद भी काम बार-बार अटक जाते हैं, नौकरी में ग्रोथ नहीं मिल रही, बिजनेस में फायदा नहीं हो रहा, शादी की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है या फिर संतान सुख को लेकर चिंता बनी हुई है और अगर ऐसा लंबे समय से हो रहा है, तो वैदिक ज्योतिष में इसे कई बार पितृ दोष से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि जब पूर्वज किसी वजह से संतुष्ट नहीं होते या उनके प्रति जरूरी धार्मिक कर्तव्य पूरे नहीं किए जाते, तो उसका असर कुंडली में पितृ दोष के रूप में दिखाई दे सकता है. यही वजह है कि कई लोग समय रहते इसकी पहचान और उपाय जानना चाहते हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पितृ दोष क्या है, इसके संकेत क्या हैं और इससे जुड़े कौन-कौन से पारंपरिक उपाय बताए गए हैं?

पितृ दोष की पहचान क्या है?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अगर कुंडली के पहले, चौथे, नवें या दसवें भाव में सूर्य के साथ राहु या केतु बैठ जाएं, तो पितृ दोष बनने की संभावन. मानी जाती है. खासकर नवां भाव पूर्वजों और पिता का माना जाता है. अगर यहां राहु, केतु या कमजोर सूर्य हो, तो इस दोष का असर ज्यादा माना जाता है. पंचम भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव संतान से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकता है. वहीं लग्न या चंद्रमा पर राहु या शनि का असर मानसिक तनाव और बेचैनी का कारण माना जाता है.

---खबर नीचे जारी है---

यह भी पढ़ें: Clock Vastu Effects: क्या घड़ी का फास्ट या स्लो होना भाग्य पर असर डालता है? जानें वास्तु शास्त्र का रहस्य

प्रैक्टिकल लाइफ में कैसे पहचानें?

अगर काफी समय से मेहनत का रिजल्ट नहीं मिल रहा. शादी में लगातार देरी हो रही है. पति-पत्नी के बीच बिना वजह तनाव बना रहता है. संतान सुख में रुकावट आ रही है. पैसों की तंगी खत्म होने का नाम नहीं ले रही. घर के लोग बार-बार बीमार पड़ रहे हैं. सपने में पूर्वज दुखी या परेशान नजर आते हैं. बिना बात गुस्सा आता है. नींद ठीक से नहीं आती. घर का माहौल हमेशा तनाव वाला रहता है. तो ज्योतिष में इन्हें पितृ दोष के संभावित संकेत माना जाता है. हालांकि इन परेशानियों के पीछे दूसरे कारण भी हो सकते हैं.

---खबर नीचे जारी है---

पितृ दोष मुक्ति के लिए क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध पक्ष या अमावस्या के दिन पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान करना शुभ माना जाता है. ब्राह्मणों को भोजन कराने की भी परंपरा है. पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं. शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं. शिव मंदिर में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें या रुद्राभिषेक कराएं. जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र और काले तिल का दान करें. गाय को हरी घास खिलाएं. कौवों को भोजन देना भी शुभ माना जाता है. ये सभी उपाय धार्मिक परंपराओं का हिस्सा हैं.

यह भी पढ़ें: Chanakya Niti Thoughts: एक स्त्री को पति के सामने नहीं करने चाहिए ये 4 काम, जानें चाणक्य नीति का रहस्य

---खबर नीचे जारी है---

श्रद्धा सबसे जरूरी

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि सिर्फ उपाय करना ही काफी नहीं होता. उन्हें पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ करना भी जरूरी है. साथ ही अपऔर पूर्वजों का सम्मान करें. परिवार की अच्छी परंपराओं को आगे बढ़ाएं. जरूरतमंदों की मदद करें. ऐसे संस्कार भी पितरों की कृपा पाने का महत्वपूर्ण माध्यम माने जाते हैं.

यह भी पढ़ें: Money Astrology Remedies: इनकम नहीं बढ़ रही, हाथ है खाली? राशि के अनुसार अपनाएं ये ज्योतिष उपाय, भर जाएगी तिजोरी

---खबर नीचे जारी है---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jul 09, 2026 08:17 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola