Sawan 2026 Date: सावन का महीना शिव जी की पूजा-अर्चना के लिए बेहद खास होता है. सावन महीने में सोमवार के दिन व्रत करने का खास महत्व होता है. भक्तों को सावन में सोमवार के व्रत करने, शिव जी की पूजा करने के साथ ही कई बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. सावन में खान-पान से जुड़े कई नियमों का ध्यान रखना चाहिए. इस बार सावन महीने की शुरुआत 30 अगस्त से हो रही है. सावन महीने में क्या करें और क्या नहीं करें. आइये इन नियमों के बारे में जानते हैं.
सावन महीने में क्या करें?
शिव जी की पूजा-अर्चना – भगवान शिव की पूजा के लिए सावन का महीना बेहद शुभ माना जाता है. भक्तों को सावन में रोजाना शिवलिंग पर जलाभिषेक करना चाहिए. सोमवार का व्रत करना चाहिए. इसके साथ ही शिव जी के मंत्रों का जाप करें.
दान-पुण्य के कर्म – सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के अलावा दान-पुण्य कर्म के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. सफेद चीजों जैसे चावल, चीनी और दूध का दान करें. अन्न, धन और वस्त्र का अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें. आप जरूरतमंद लोगों को या मंदिर में इन चीजों का दान कर सकते हैं.
खान-पान से जुड़े नियम – सावन महीने में सात्विक भोजन करना चाहिए. प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा से परहेज करना चाहिए. सावन का महीना शिव जी की भक्ति के लिए खास होता है. इन दिनों तामसिक भोजन न करें.
सावन महीने में क्या नहीं करें?
बाल और दाढ़ी न कटवाएं – सावन में बाल कटवाने और और दाढ़ी बनवाने जैसे काम करने से बचना चाहिए. भक्तों को सावन में भगवान शिव की भक्ति में लीन रहना चाहिए. सावन में मानसून के समय कटने या छिलने पर फंगल संक्रमण से बचने के लिए यह जरूरी है.
सावन में क्या न खाएं – सावन महीने में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. हरी पत्तेदार सब्जियों, बैंगन, कढ़ी आदि खाने से परहेज करना चाहिए. अधिक मसालेदार खाना खाने से बचें. इन सभी के साथ ही दूध व दूध से बनी चीजों का सेवन सावन में कम करना चाहिए.
क्रोध और अपमान न करें – सावन में अपना समय भक्ति में लगाना चाहिए. बेवजह विरोध और विवाद में पड़ने से बचना चाहिए. किसी पर क्रोध करने से बचें. खासकर बुजुर्गों और कावड़ियों पर क्रोध और उनका अपमान न करें. यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और मानसिक शांति के लिए होता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.