Kedarnath Dham Yatra: केदारनाथ धाम में बर्फ की मोटी चादर के बीच 22 अप्रैल को धाम के कपाट खुल रहे हैं. उत्तराखंड की चार धाम यात्रा की बात करें तो गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुल रहे हैं. बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुल रहे हैं. केदारनाथ यात्रा के लिए ग्लेशियर काट कर स्नो कॉरिडोर बना दिया गया है. केदारनाथ जाने के लिए हेलीकॉप्टर की बुकिंग 15 जून तक के लिए अभी से फुल हो गई है यानि इस बार एक बार फिर केदारनाथ जाने वालों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ेगी.
माउंटेन मैन केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने में करेंगे मदद
केदारनाथ यात्रा को सुगम और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए हर साल सरकार और प्रशासन पूरा ध्यान रखता है. केदारनाथ धाम की यात्रा को सफल और सुगम तरीके से कराने के लिए माउंटेन मैन भी अपनी सेवाएं देंगे. दुर्गम यात्राओं अपनी सेवाओं के जरिए दुर्गम यात्राओं को सुगम बना देते हैं. माउंटेन मैन कौन हैं चलिए इसके बारे में जानते हैं. वह कैसे यात्रा को सुगम बनाने के लिए अपनी सेवाएं देंगे.
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माउंटेन मैन का परिचय
माउंटेन मैन पहाड़ी मेडिकल सेवा में जाना माना नाम है. इनका नाम डॉ. प्रदीप भारद्वाज है. डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने अब “एआई इन हेल्थकेयर” में भाग लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में उपलब्धि प्राप्त की है. आपको बता दे की इससे पहले डॉ० भारद्वाज को इंडिया बुक व लिम्का बुक में “पर्सन ऑफ द ईयर” खिताब मिला चुका है. आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड. (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार) के माध्यम से वह “यूट्यूब पर एआई इन हेल्थकेयर लेसन के लाइव स्ट्रीम में सबसे अधिक देखा जाने वाला” के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का हिस्सा बने.

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वैश्विक चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर सर्विसेज ना सिर्फ केदारनाथ बल्कि बद्रीनाथ, अमरनाथ, कैलाश मानसरोवर और अन्य कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड मेडिकल सेवाओं के लिए जाने जाते हैं. वे आपातकालीन और पर्वतीय चिकित्सा में नवाचार, शोध और वैश्विक मानकों को बढ़ावा देते रहे हैं. अक्सर भारी बर्फबारी के बीच ये अटकले लगने लगते हैं कि कपाट खोलने की शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या को सीमित किया जाएगा लेकिन प्रशासन इस बात से इनकार कर चुका है यानी बड़ी संख्या में भक्ति चार धाम यात्रा के दर्शन कर सकेंगे.
बर्फ की मोटी चादर है चुनौती
केदारनाथ यात्रा के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती बर्फ की मोटी चादर है. विभागीय जानकारों के मुताबिक अप्रैल तक बर्फ पिघल जाती है लेकिन इस बार मौसम का मिजाज बदला हुआ है जिसकी वजह से अभी तक बर्फ की मोटी मोटी चादर प्रशासन और माउंटेन मैंन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है 2023 के बाद यह पहली बार है जब कपाट खुलने से पहले बर्फ की इतनी मोटी चादर देखी जा रही है. आपको बता दे अब तक लगभग 5.96 लाख श्रद्धालु केदारनाथ के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. जबकि पिछले साल कल यात्रा में 17.68 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किया था यानी साफ है कि इस बार एक बार फिर केदारनाथ यात्रा में भक्तों के होने वाले दर्शन पिछले कई सालों की रिकॉर्ड तोड़ देंगे.
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