Kaalchakra: पूजा को सफल बनाने के लिए थाली में कौन-सी सामग्री होनी चाहिए? पंडित सुरेश पांडेय से जानें महत्व
Kaalchakra Today: देवी-देवताओं की पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का अपना ही अलग महत्व है, जिसे पूजा को सफल बनाने के लिए अति महत्वपूर्ण माना जाता है. आज प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको पूजा सामग्री से जुड़े नियम, महत्व और लाभ आदि के बारे में बताएंगे.
Kaalchakra Today 20 April 2026: सनातन धर्म के लोगों के लिए देवी-देवताओं की पूजा का खास महत्व है. जहां कुछ लोग भगवान को विभिन्न तरह की पूजा सामग्री अर्पित करते हैं, वहीं कई लोग केवल नाम जाप, मानसिक जाप या मंत्र जप आदि ही करते हैं. हालांकि, पूजा के हर तरीके का अपना महत्व है, जिसका सकारात्मक प्रभाव लोगों के जीवन पर पड़ता ही है. पंडित सुरेश पांडेय की मानें तो पूजा सामग्रियां भी देवी-देवताओं की विशेष कृपा दिला सकती हैं. दरअसल, पूजा सामग्री के हर घटक का हमारे शास्त्रों में बहुत महत्व है.
विज्ञापन
आज 20 अप्रैल 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको भगवान की पूजा सामग्री और थाली आदि से जुड़े महत्व, नियम और लाभ आदि के बारे में बताने जा रहे हैं.
विज्ञापन
पूजा थाली का महत्व
भगवान को पूजा सामग्री अर्पित करने से पहले उनको सही क्रम में थाली में रखना चाहिए. थाली में पूजा सामग्री का क्रम भी पंचतत्वों के स्तर पर निर्भर करता है. ऐसे सामग्री रखने से ब्रह्मांड में मौजूद पंचतत्व संतुलन में रहते हैं. साथ ही साधक के शरीर में पंचतत्व संतुलित रहते हैं और बॉडी में सात्विकता और सकारात्मकता बढ़ती है.
पूजा की थाली में सप्तनदियों यानी गंगा, गोदावरी, यमुना, सरस्वती, सिंधु, कावेरी और नर्मदा का जल रखना चाहिए. इन सप्तनदियों के जल को एक लोटे में डालकर रखने का विधान है. इसके अलावा कलश भी थाली में रखें. कलश रखने के बाद रूई के वस्त्र थाली में रखें, जो कि हमारे सुषुम्ना नाड़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं. रुई का धागा बनाते समय दूध की जगह चंदन का प्रयोग करें. चंदन का रुई में लेप करने से देवताओं की तरंगे जल्द ही कार्यरत होकर आकर्षित होती हैं. रुई के वस्त्र के बाद जनेई भी देवताओं को अर्पित करें.
पूजा सामग्री और थाली में रखी जाने वाली चीजों से जुड़े अन्य नियमों के बारे में जानने के लिए वीडियो को देखें.