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Kaalchakra: कुंडली से जानें किस उम्र में होगी बेटी की शादी? पंडित सुरेश पांडेय ने बताया आसान तरीका

सनातन धर्म के लोगों के लिए कुंडली का खास महत्व है। कुंडली देखकर हर एक व्यक्ति की शादी की उम्र, जीवनसाथी और ससुरालवालों आदि के बारे में पता चल सकता है। चलिए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं कुंडली से कैसे शादी से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

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हर एक माता-पिता को अपने बच्चों की शादी की चिंता होती है। वो चाहते हैं कि उनके बच्चों को अच्छा जीवनसाथी और घर मिले। वहीं जब बात बेटी की हो तो ये चिंता और बढ़ जाती है। बेटी की शादी करने से पहले माता-पिता अच्छे से तहकीकात करते हैं। हालांकि इन सभी सवालों के जवाब बेटी की कुंडली से मिल सकते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली को जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर बनाया जाता है। कुंडली से भविष्य में होने वाली कई घटनाओं के बारे में पता चल सकता है। इस बात की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है कि बेटी की शादी किस समय होगी, उसका ससुराल औप पति कैसा होगा। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि कुंडली के किस भाव से बेटी की शादी की तिथि और उसके ससुरालवालों के बारे में पता चलता है।

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सप्तमभाव भाव का महत्व

कुंडली का सप्तमभाव विवाह का कारक स्थान होता है। लड़की की कुंडली के सातवें भाव से उसके जीवन, पति और वैवाहिक सुख का पता लगाया जाता है। इस भाव से उसके होने वाले पति का कद, रूप, रंग, चरित्र, स्वभाव, आर्थिक स्थिति, कारोबार, नौकरी और परिवार से जुड़ी कई बातें पता चलती हैं। लड़की की कुंडली से उसके होने वाले पति और ससुराल वालों के बारे में भी बहुत कुछ पता चलता है।

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कुंडली से जानें कब होगी शादी?

  • जन्म कुंडली में 7वें भाव में सप्तमेश बुध हो और शुभ ग्रह से हो तो विवाह शीघ्र होता है।
  • जन्म कुंडली में 7वें भाव में सप्तमेश मंगल हो और गुरु-शुक्र से दृष्ट हो तो कम उम्र में शादी होती है।
  • सप्तमेश शुक्र ग्रह किसी शुभ ग्रह से प्रभावित हो और उसकी दृष्टि 7वें भाव पर हो तो 22 वर्ष की आयु में शादी होने के योग बनते हैं।
  • लड़की की कुंडली में सप्तमेश सप्तम भाव में द्वादश भाव के मध्य हो तो शादी विदेश में होगी या लड़का शादी करके लड़की को विदेश ले जाएगा।
  • किसी भी लड़की की कुंडली के 7वें भाव में अगर वृषभ, सिंह और वृश्चिक राशि है तो शादी उसके जन्म स्थान से 90 कि.मी. के अंदर होती है।
  • कुंडली में सातवें भाव में चंद्रमा ग्रह, शुक्र ग्रह और गुरु ग्रह हो तो लड़की की शादी अपने जन्मस्थान के बहुत करीब होती है।
  • कुंडली के 7वें भाव में अगर चर राशि मेष, कर्क, तुला या मकर है तो शादी लड़की के जन्म स्थान से 200 कि.मी. के अंदर होती है।
  • 7वें भाव में मिथुन राशि, कन्या राशि, धनु राशि या मीन राशि स्थित है तो शादी जन्म स्थान से 80 से 100 कि.मी. से दूर होती है।

यदि आपके अपनी बेटी की शादी यानी विवाह से जुड़े और अन्य सवाल हैं जिनके बारे में आप जानना चाहते हैं तो इसके लिए आप ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Apr 25, 2025 10:52 AM

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