Kaalchakra: इन चार ऋण के कारण लग जाता है खुशियों को ग्रहण, जानें कैसे करें इन्हें खत्म?
Kaalchakra Today: हिंदू धर्म में ऐसे ऋण के बारे में बताया है जिसके कारण व्यक्ति जीवन में परेशान रहता है. अगर किसी के ऊपर यह ऋण हो तो उसके जीवन में खुशियों को ग्रहण लग जाता है. चलिए पंडित सुरेश पांडेय से इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
Kaalchakra Today 4 February 2026: व्यक्ति अगर पितरों का श्राद्ध नहीं करता है तो ऐसे में पितृ ऋण का श्राप लगता है. इसी प्रकार हिंदू धर्म में चार ऋण ब्रह्म ऋण, पितृ ऋण, गुरु ऋण और देव ऋण के बारे में बताया गया है. व्यक्ति इन चार ऋण में से किसी एक से प्रभावित होता है तो उसे समस्या का सामना करना पड़ता है. आपको इन ऋण की कैसे पहचान करें और क्या उपाय करें चलिए जानते हैं.
आज 4 फरवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि, जीवन में चार प्रकार के ऋण के कारण व्यक्ति परेशान रहता है. उसे जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है और हमेशा दुखी रहता है. आप इन चार ऋण के बारे में और इनके उपायों के बारे में आज के कालचक्र में जानते हैं.
पितृ ऋण
संतान न होना, महिला का बार-बार गर्भपात होना संतान के होने पर उसका बीमार रहना पितृ ऋण के कारण हो सकता है. पितृ ऋण के कारण संतान बुरी संगति का शिकार होती है और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती है. यह सभी पितृ ऋण के कारण होता है. पितृ ऋण होने से समाज में मान-सम्मान नहीं मिलता है. नौकरी छूट जाती है और व्यापार में नुकसान होता है. परिवार के लोगों पर दुर्घटना का साया रहता है.
पितृ ऋण खत्म करने के उपाय
पितृ ऋण के कारण आप परेशान हैं तो इसे खत्म करने के लिए खास उपायों को करना चाहिए. आप घर में 5 वेदपाठी को बुलाए जिसे वेदों को अच्छे से पढ़ना आता हो. उन वेदपाठी से श्रीमद् भागवत कथा का पाठ कराएं. उनसे पाठ करवाने के साथ श्रद्धापूर्वक उन्हें विदा करें. बिहार में गया नाम की जगह पर जाकर पितरों का श्राद्ध और पिड़दान करें. इसके बाद घर पर हवन कराएं और भंडारे का आयोजन करें. इन सभी उपायों को करने से पितृ ऋण को खत्म कर सकते हैं.
https://www.youtube.com/watch?v=K8pGJYn9nOM
यदि आप अन्य सभी ऋण और इनके उपायों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 4 February 2026: व्यक्ति अगर पितरों का श्राद्ध नहीं करता है तो ऐसे में पितृ ऋण का श्राप लगता है. इसी प्रकार हिंदू धर्म में चार ऋण ब्रह्म ऋण, पितृ ऋण, गुरु ऋण और देव ऋण के बारे में बताया गया है. व्यक्ति इन चार ऋण में से किसी एक से प्रभावित होता है तो उसे समस्या का सामना करना पड़ता है. आपको इन ऋण की कैसे पहचान करें और क्या उपाय करें चलिए जानते हैं.
आज 4 फरवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि, जीवन में चार प्रकार के ऋण के कारण व्यक्ति परेशान रहता है. उसे जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है और हमेशा दुखी रहता है. आप इन चार ऋण के बारे में और इनके उपायों के बारे में आज के कालचक्र में जानते हैं.
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पितृ ऋण
संतान न होना, महिला का बार-बार गर्भपात होना संतान के होने पर उसका बीमार रहना पितृ ऋण के कारण हो सकता है. पितृ ऋण के कारण संतान बुरी संगति का शिकार होती है और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती है. यह सभी पितृ ऋण के कारण होता है. पितृ ऋण होने से समाज में मान-सम्मान नहीं मिलता है. नौकरी छूट जाती है और व्यापार में नुकसान होता है. परिवार के लोगों पर दुर्घटना का साया रहता है.
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पितृ ऋण खत्म करने के उपाय
पितृ ऋण के कारण आप परेशान हैं तो इसे खत्म करने के लिए खास उपायों को करना चाहिए. आप घर में 5 वेदपाठी को बुलाए जिसे वेदों को अच्छे से पढ़ना आता हो. उन वेदपाठी से श्रीमद् भागवत कथा का पाठ कराएं. उनसे पाठ करवाने के साथ श्रद्धापूर्वक उन्हें विदा करें. बिहार में गया नाम की जगह पर जाकर पितरों का श्राद्ध और पिड़दान करें. इसके बाद घर पर हवन कराएं और भंडारे का आयोजन करें. इन सभी उपायों को करने से पितृ ऋण को खत्म कर सकते हैं.
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