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काल भैरव को प्रसन्न करते हैं ये 7 काम, हर समस्या का होता है समाधान!

Kalashtami 2025 : हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी मनाई जाती है और यह वह दिन होता है, जिस दिन आप काल भैरव को प्रसन्न कर सकते हैं। काल भैरव की प्रसन्नता आपकी लाइफ को सफल बना सकती है। आइए जानते हैं कि कालभैरव को प्रसन्न कैसे करें।

Kalashtami 2025 : भगवान शिव का उग्र रूप काल भैरव की प्रसन्नता आपकी लाइफ से हर प्रकार की समस्या का समाधान करने में सक्षम है। माना जाता है कि काल भैरव जिस व्यक्ति पर प्रसन्न हो जाएं, वो रंक से राजा बन सकता है। बड़ी से बड़ी नकारात्मक शक्ति, टोने, काला जादू और तंत्र-मंत्र भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं। भगवान काल भैरव वो शक्ति हैं, जो हर प्रकार के रोग-दोष से व्यक्ति को मुक्त कर सकते हैं। इसके लिए प्रभु का आपसे प्रसन्न होना आवश्यक है।

काल भैरव को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे कालाष्टमी के नाम से जाना जाता है। वैशाख माह में कालाष्टमी 21 अप्रैल 2025 को मनाई जा रही है। इस दिन काल भैरव का पूजन करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही कुछ आसान से उपायों को करने से लाइफ की सभी समस्याओं का अंत स्वयं भैरव कर देते हैं।

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कौन हैं काल भैरव?

काल भैरव भगवान शिव के ही उग्र स्वरूपों में से एक हैं। माना जाता है कि भूत, प्रेत, पिशाच, पूतना, कोटरा और रेवती आदि. विपत्ति, रोग और मृत्यु के समस्त दूत और देवता काल भैरव के सैनिक हैं। इस सभी गणों के अधिनायक बाबा काल भैरव हैं। काशी विश्वनाथ की नगरी के कोतवाल काल भैरव ही हैं। वे पापियों दंड देते हैं। काल भैरव के 8 नाम, भैरव, असितांग, रूरू, चंद, क्रोध, उन्मत्त, कपाली, संहार हैं। आइए जानते हैं काल भैरव को प्रसन्न कैसे करें?

कैसे करें काल भैरव को प्रसन्न?

  • काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन काल भैरव अष्टक का पाठ करें। डेली इस पाठ को न कर पाएं तो कालाष्टमी और मंगलवार व शनिवार को ये पाठ कर सकते हैं।
  • भगवान भैरव की प्रतिमा के सामने शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • काल भैरव का वाहन कुत्ता है। इस कारण कालाष्टमी के दिन कुत्ते को रोटी, दूध या गुड़ खिलाने से प्रभु काल भैरव की कृपा मिलती है।
  • 5 नींबू पांच गुरुवार तक भैरव जी को अर्पित करें।
  • सवा किलो जलेबी बुधवार के दिन भैरव नाथ को अर्पित करें और कुत्तों को भी खिलाएं।
  • सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा 11 रुपये को सवा मीटर काले कपड़े में पोटली बनाकर भैरव नाथ के मंदिर में जाकर उनको अर्पित कर दें। इस उपाय को बुधवार के दिन करना है।
  • रविवार या शुक्रवार को किसी भी भैरव मंदिर में गुलाब, चंदन और गुग्गल की खुशबूदार 33 धूपबत्ती जलाएं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Apr 17, 2025 04:00 PM

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About the Author

Mohit Tiwari

मोहित 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन सालों में इन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। इनको फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क के साथ ही चैनल, प्रिंट और डिजिटल माध्यम में काम करने का अनुभव है। इसके साथ ही Astroyogi  व अन्य एस्ट्रोलॉजी प्लेटफॉर्म के लिए भी काम कर चुके हैं। इन्होंने एस्ट्रोलॉजी का गहन अध्ययन किया हुआ है। इसके चलते पुराणों और शास्त्रों में छिपे गूढ़ रहस्यों को लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाने की कोशिश भी अपने आर्टिकल्स के माध्यम से करते हैं। धर्म के साथ ही लाइफस्टाइल के भी जटिल विषयों को सरलता से पाठकों के समक्ष रखते हैं। अब News 24 के साथ जुड़कर फीचर लेखन का कार्य कर रहे हैं।

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