Ujjain Mahakal Sawari: उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में हर साल महाकाल बाबा की सवारी निकाली जाती है. महाकाल बाबा की सवारी की इस परंपरा में बड़ा बदलाव हुआ है. उज्जैन के महाकाल बाबा की यह सवारी सावन महीने और भाद्रपद महीने की शुरुआत सोमवार के दिन आयोजित की जाती है. सावन माह के दूसरे सोमवार को यानी 10 अगस्त को दूसरी सवारी निकाली जाएगी. आज शाम को 4 बजे बाबा महाकाल नगर में भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देंगे.
श्यामू हाथी की बजाय सुमा हथिनी पर सवार होंगे बाबा
महाकाल बाबा की सवारी में बड़ा बदलाव हुआ है. महाकाल बाबा की सवारी में वर्षों से शामिल हाथी श्यामू को अस्वस्थ घोषित कर दिया गया है. इसके बाद अब मादा हाथी सुमा को सवारी में शामिल किया जाएगा. खबरों के मुताबिक, वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और मंदिर समिती ने मादा हाथी सुमा को सवारी में शामिल करने की तैयारियां कर ली हैं.
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46 साल बाद बदली बाबा की सवारी
महाकाल बाबा की सवारी में पिछले 46 सालों से श्यामू और उसका परिवार जुड़ा रहा है. अब महाकाल की सवारी बदल रही है. बता दें कि, श्यामू से पहले 1980 से लेकर 2016 तक श्यामू की मां रामू सवारी में शामिल होती थी. रामू की मृत्यु के बाद श्यामू को सवारी में शामिल किया गया. अब श्यामू के अस्वस्थ होने पर हाथी मालिक सरमन गिरि और हाथियों के परिवार की दशकों पुरानी सेवा परंपरा में बदला हुआ है.
महाकाल सवारी की परंपरा और तिथियां
महाकाल बाबा की सवारी का खास धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है. ऐसी पौराणिक मान्यता है कि, इस यात्रा के दौरान महाकाल बाबा खुद प्रजा और शहर का हाल देखने नगर में आते हैं. महाकाल सवारी की पहली तारीख सावन के प्रथम सोमवार 3 अगस्त, दूसरी 10 अगस्त, 17 अगस्त, 24 अगस्त को है. इस प्रकार सावन सोमवार को महाकाल की सवारी आयोजित की जाएगी. इसके अलावा भाद्रपद माह के प्रथम और द्वितीय सोमवार को सवारी का आयोजन किया जाएगी. 31 अगस्त को पांचवीं और 7 सिंतबर को अंतिम शाही सवारी होगी.
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