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Home Cleaning Vasut Rules: घर की सफाई के लिए पुराने कपड़े का इस्तेमाल सही या गलत, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

Home Cleaning Vasut Rules: घर की सफाई सिर्फ स्वच्छता नहीं, बल्कि यह घर की ऊर्जा से जुड़ी है. क्या आप जानते हैं, पुराने कपड़े से पोछा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा फैल सकती है और धन और लक्ष्मी कृपा पर असर पड़ता है? आइए जानते हैं, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की सफाई के लिए पुराने कपड़े का इस्तेमाल सही है या गलत>

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Home Cleaning Vasut Rules: घर की सफाई रोजमर्रा का काम है, लेकिन वास्तु शास्त्र इसे केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं मानता. वास्तु के अनुसार, सफाई से घर की ऊर्जा भी प्रभावित होती है. इसी कारण पोछा लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कपड़ा बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. अक्सर लोग पुरानी टी-शर्ट, बनियान या साड़ी के टुकड़े से फर्श साफ कर लेते हैं. यह तरीका आसान और किफायती लगता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे उचित नहीं माना गया है. आइए जानते हैं, घर की सफाई के लिए पुराने कपड़े का इस्तेमाल सही है या गलत, इसे लेकर वास्तु शास्त्र क्या कहता है?

अशुद्ध वस्त्र और नेगेटिव असर

वास्तु के अनुसार, शरीर से निकले पुराने कपड़े अशुद्ध वस्त्र की श्रेणी में आते हैं. क्योंकि, शरीर पर पहने गए कपड़ों में व्यक्ति की थकान, पसीना और मानसिक तनाव की छाप रह जाती है.जब ऐसे कपड़े से घर का फर्श पोंछा जाता है, तो उसमें मौजूद नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैल सकती है. इससे घर का वातावरण भारी और असंतुलित हो सकता है.

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धन पर पड़ने वाला असर

शास्त्रों में कहा गया है कि घर की सफाई हमेशा शुद्ध और साफ वस्त्र से करनी चाहिए. पुराने या जूठे कपड़े से पोछा लगाने को माता लक्ष्मी का अपमान माना गया है. ऐसी मान्यता है कि इससे धन की बरकत कम होती है और आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है.

जब घर का माहौल कुछ यूं हो

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, गलत तरीके से सफाई करने पर घर में तनाव, आपसी मतभेद और मानसिक अशांति बढ़ सकती है. कुछ लोगों को नींद न आने, लगातार थकान रहने और काम में मन न लगने जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं.

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पोछा लगाने के लिए सबसे अच्छा क्या है?

घर की सफाई के लिए नया सूती कपड़ा सबसे अच्छा माना जाता है. साफ और अच्छी हालत वाली पुरानी साड़ी का वह हिस्सा भी उपयोग में लाया जा सकता है, जो कभी पहना या जूठा न हुआ हो. माइक्रोफाइबर पोछा कपड़ा भी आजकल एक अच्छा और व्यावहारिक विकल्प माना जाता है.

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यदि पुराने कपड़े से सफाई हो गई हो

यदि अनजाने में पुराने कपड़े से सफाई हो गई हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है. घर में गंगाजल का हल्का छिड़काव किया जा सकता है. नियमित साफ-सफाई पर ध्यान दें. सोमवार या शुक्रवार को जरूरतमंद व्यक्ति को नया कपड़ा दान करना भी शुभ माना जाता है.

वास्तु के अनुसार, सफाई के लिए सही कपड़े का चुनाव एक छोटी सी आदत है, लेकिन इसका असर घर की सकारात्मकता और मानसिक शांति पर पड़ता है. इसलिए अब से सफाई के नियमों का ध्यान रखना उपयोगी माना जाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Jan 19, 2026 04:16 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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